
खेतड़ी के ककराय जोहड़ में उपस्थित गौ रक्षक पुलिस व ग्रामीण। फोटो पत्रिका
खेतड़ी (झुंझुनूं)। मांदरी ग्राम पंचायत के ककराय गांव स्थित जोहड़ में शीतलहर की चपेट में आने से 22 बछड़ों की मौत हो गई। खुले में रहने और सर्दी से बचाव के इंतजाम नहीं होने के कारण बछड़ों की जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और गो रक्षा दल, ग्रामीण, पुलिस व पशुपालन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं।
जोहड़ क्षेत्र में बछड़ों के शव नालियों और खुले स्थानों पर पड़े मिले, जिनमें कई शव दो-तीन दिन पुराने बताए जा रहे हैं। गो रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने इसकी जानकारी पुलिस, ग्राम पंचायत मांदरी और पशुपालन विभाग को दी।
पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक डॉ. शिवकुमार सैनी ने बताया कि जोहड़ में मौजूद अधिकांश बछड़े नवजात व कमजोर हैं, जिनकी उम्र एक वर्ष से कम है। ये बछड़े खुले में रहते हैं। शीतलहर के दौरान सर्दी से बचाव के इंतजाम नहीं होने के कारण उनकी मौत हुई है।
जोहड़ में करीब 450 गायें मौजूद हैं। वाडका, जालोर निवासी पशुपालक जीवाराम व नेतीराम ने बताया कि वे लगभग 10 दिन पहले 450 गायों को लेकर ककराय जोहड़ में चराने के लिए आए थे। गाय और बछड़े खुले में ही बैठते हैं।
मौके पर मौजूद गोरक्षा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण योगी सहित डैनी डूमोली, नरेश कुमार, छोटू प्रधान, प्रवीण महराना, कन्हैयालाल खेतड़ी, देवदत्त जांगिड़, रणजीत सिंह, सूरज मीणा, यश शर्मा तथा कामधेनु सेना के आत्माराम गुर्जर ने प्रशासन से मृत बछड़ों के शव खुले में नहीं डालने की मांग की। इसके बाद ग्राम पंचायत की ओर से जेसीबी मंगवाकर गड्ढा खुदवाया गया और सभी मृत बछड़ों के शवों को दफनाया गया।
पशुपालन विभाग की मोबाइल यूनिट ने मौके पर पहुंचकर बीमार 11 बछड़ों का उपचार किया। उपचार टीम में उपनिदेशक डॉ. अशोक जांगिड़, डॉ. राजीव रोहिल्ला, बजरंग लाल यादव, रमेश कुमार व पूजा सैनी शामिल रहे।
सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक जुल्फिकार अली व थानाधिकारी खेतड़ी मोहनलाल मय जाप्ता मौके पर पहुंचे। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. शिवकुमार सैनी पशु चिकित्सकों की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं ग्राम पंचायत मांदरी के सरपंच प्रतिनिधि शेर सिंह कृष्णिया, गोशाला दूधवा के प्रतिनिधि सतपाल गुर्जर व राजेंद्र गुर्जर भी मौके पर मौजूद रहे।
ककराय जोहड़ में बछड़ों के मृत मिलने की सूचना पर थाना अधिकारी के साथ मौके पर पहुंचा। पशुपालकों को छोटे व कमजोर बछड़ों को सर्दी से बचाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्राम पंचायत के माध्यम से मृत बछड़ों के शवों को दफनाया गया है।
जुल्फिकार अली, पुलिस उपाधीक्षक खेतड़ी
Published on:
25 Jan 2026 04:27 pm
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