
पापड़ा में शहीद सुरेश कुमार बड़सरा की लगी प्रतिमा
story of bravery : काटली नदी के तट पर बसा उदयपुरवाटी उपखंड का पापड़ा गांव अपनी एक अलग पहचान रखता है। गांव के बेटे सेना में सिपाही से लेकर ब्रिगेडियर व कर्नल तक के उच्च पद पर आसीन है। यहां का हर नोनिहाल सेना में जाकर देश सेवा करने का अपने दिल में जज्बा रखता है। भारत-पाकिस्तान 1948 की लड़ाई में पापड़ा गांव के शहीद लादूराम जीतरवाल ने देश की रक्षा के लिए शहादत दी थी। लाल शहीद लादूराम जितरवाल की पोती मोहना सिंह अब सेवा में लड़ाकू विमान उड़ा रही है।
गांव के बेटे सेना में बने ब्रिगेडियर व कर्नल
पहाड़ी क्षेत्र के गांव पापड़ा के बेटे सेना में बने ब्रिगेडियर व कर्नल पद पर तैनात है। शहीद पिता रामदेव सिंह बड़सरा, प्रधानाचार्य सुरेन्द्र बड़सरा,किशोर सिंह शेखावत ने जानकारी दी कि गांव के बेटे सेना में सिपाही से लेकर ब्रिगेडियर व कर्नल तक के उच्च पद पर आसीन है। गांव के सैकड़ों जवान सेना में सेवा देकर देश सेवा का फर्ज अदा कर रहे हैं। गांव के भानूप्रतापसिंह आर्मी ट्रेऩगिं कमाण्ड बटालियन में ब्रिगेडियर के पद पर तैनात है । जागीराम मिठारवाल कर्नल के पद पर कार्यरत है। प्रमोद कुमार बड़सरा सेवानिवृत कर्नल है। दिनेश कुमार बड़सरा लेप्टिनेंट के पद पर कार्य कर रहे है। युवराज सिंह शेखावत लेप्टिनेंट है। इन्द्रराज रैपसवाल,सुरेश कुमार पायल सहायक कामान्डेड के पद कार्यरत है। विनोद कुमार बड़सरा विरेन्द्रसिंह पायल, विक्रम बड़सरा, राज सिंह बड़सरा असिस्टेंड कमान्डेड के पद पर अपनी सेवा दे रहे है। इसी क्रम में गांव के सैकड़ों बेटे भारत मां की रक्षा के लिए सेना में तैनात है।
बेटियां भी नहीं रही पिछे
पापड़ा गांव की बेटी मोहना सिंह देश की पहली सेना की लड़ाकू विमान चालक बनी। मोहना सिंह सहित गांव की अन्य बेटियां भी देश सेवा में आगे है । 1971 व करगिल युद्ध में भी गांव के बेटों ने दिखाया जलवा - 1971 व करगिल युद्ध में भी पापड़ा गांव के बेटों ने अपना जलवा दिखाया। 1971 युद्ध के योद्धा हवलदार हनुमान सिंह पायल व करगिल युद्ध में 22 ग्रेनेडियर की अल्फा कंपनी में तैनात पापड़ा के कैरोठ गांव के निवासी सेवानिवृत्त कैप्टन शेर सिंह यादव, 22 ग्रेनेडियर की अल्फा कंपनी में तैनात पापड़ा के कैरोठ गांव के निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार हरदयाल सिंह यादव करगिल युद्ध में बटालिक एरिया की जुबेर हिल पर तैनात होकर दुश्मन को लोहा मनवाया।
यह हुए शहीद
भारत -पाकिस्तान के 1948 की लड़ाई में 11 फरवरी 1948 को शहीद हुए पापड़ा के वीर चक्र से सम्मानित शहीद लादूराम जितरवाल , गांव के कानसिंहवाली ढाणी के शहीद सुरेश कुमार बड़सरा भी देश सेवा में पिछे नहीं रहे। बड़सरा 7 राज राईफल में राजौरी सेक्टर डडोत नाले में तैनाती के दौरान तीन आतंकवादियों को मारकर 21 नवबंर 2009 को शहीद हुए।
Published on:
18 Nov 2023 12:18 pm
