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हाईकोर्ट का आदेश ‘पद्मावती‘ को दी जाए कड़ी सुरक्षा, प्यार करना कोई गुनाह नहीं!

दोनों को जान से मारने के प्रयास किए जा रहे हैं...

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jhunjhunu Padmavati

जयपुर। ‘पद्मावती‘ का नाम आते ही जहन में सिर्फ संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म ‘पद्मावत‘ की याद आ जाती है, और आए भी क्यों न! राजस्थान के चित्तौड़ की महारानी ‘पद्मावती‘ की कहानी पर बनी इस फिल्म के विरोध में हुए विरोध ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। यहां तक की ये सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भारत के कई राज्यों में अभी तक भी रिलीज नहीं हो पाई है। लेकिन ये ‘पद्मावती‘ को सुरक्षा देने वाला मामला फिल्म ‘पद्मावत‘ का नहीं है। ये मामला है झुंझुनू निवासी ‘पद्मावती‘ का।


झुंझुनूं निवासी एक महिला का नाम ‘पद्मावती‘ है और अन्तरजातीय विवाह करने वाली झुंझुनूं की इस पद्मावती को हाईकोर्ट ने सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा मुहैया कराने की जिम्मेदारी गृह सचिव व पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है और इस मामले में राज्य सरकार से जवाब तलब भी किया है।

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दोनों हैं वयस्क, करते हैं एक-दूसरे से प्रेम
न्यायाधीश वी के व्यास ने पद्मावती पंवार और पति मनोज की याचिका पर यह आदेश दिया है। प्रार्थीपक्ष की ओर से अधिवक्ता शेरसिंह महला ने कोर्ट को बताया कि दोनों वयस्क हैं और एक दूसरे से प्रेम करते हैं।

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परिजन विवाह के खिलाफ, दोनों को जान से मारने के किए जा रहे हैं प्रयास
उन्होंने 27 दिसंबर को आर्य समाज मंदिर में स्वेच्छा से शादी की और विवाह पंजीयन भी करा लिया। पद्मावती के परिजन विवाह के खिलाफ हैं। परिवार इस विवाह को नहीं होने देना चाहते हैं और दोनों को जान से मारने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

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