
Kulwant singh khejroliya
आईपीएल-2017 की नीलामी से सोमवार को झुंझुनूं जिले को बड़ी खुशखबरी मिली है। इस बार झुंझुनूं के गांव चूड़ी अजीतगढ़ का बेटा कुलवंत सिंह खेजरोलिया भी आईपीएल में खेलेगा। कुलवंत को मुम्बई इंडियंस ने दस लाख रुपए में खरीदा है। इसके चयन पर गांव में खुशियों की लहर दौड़ गई।
गांव के जोहड़ में क्रिकेट खेलने वाले कुलवंत का आईपीएल तक का सफर काफी संघर्ष भरा है। कुलवंत के पिता शंकर सिंह की गांव में किराणा की छोटी सी दुकान है। मां सरोज कंवर गृहणि हैं। एक भाई व एक बहन है। वर्तमान में कुलवंत दिल्ली स्थित लाल बहादुर शास्त्री एकेडमी के कोच संजय भारद्धाज के निर्देशन में प्रशिक्षण ले रहा है।
रुपयों का किया जुगाड़
बीकॉम की पढ़ाई के बाद कुलवंत ने परिजनों के सामने दिल्ली स्थित क्रिकेट एकेडमी में प्रवेश लेने की इच्छा जताई तो आर्थिक तंगी आड़े आ गई। फिर परिजनों की मदद से रुपयों का जुगाड़ करके दिल्ली पहुंचा और प्रशिक्षण लेना शुरू किया। दो साल से वहां प्रशिक्षण ले रहे कुलवंत का आईपीएल के बाद टीम इंडिया में जगह बनाना लक्ष्य है।
माता सरोज कंवर
'आज टीवी पर देखा...। सबके फोन भी आ रहे हैं। आईपीएल के बारे में बस इतना ही जानती हूं कि यह कोई क्रिकेट होता है। चयन के बाद बेटे ने फोन करके कहा कि ...मां आप अब तो खुश हो ना...मैंने वो ही कर दिखाया जो आप चाहती थीं। उसकी कामयाबी पर गर्व हो रहा है। '
पिता शंकर सिंह
'मैंने तो कभी क्रिकेट नहीं खेला। गुल्ली-डंडा खेलता था। बेटे को क्रिकेट खेलने की बजाय नौकरी की सलाह दिया करता था। पिछले दो-तीन साल से कुलवंत अपनी तैयारी को देखते हुए कहा करता था कि अब उसका सपना पूरा होने वाला है और वो आज हो गया '।
पिता कहते थे नौकरी कर लो, लेकिन बेटा था सिर्फ क्रिकेट का दीवाना
कुलवंत के बड़े भाई हेमंत सिंह रोडवेज में नौकरी करते हैं। उन्होंने पत्रिका से बातचीत में बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण पिता हमेशा कहा करते थे कि क्रिकेट से पेट नहीं भरने वाला। कोई नौकरी कर लो, लेकिन कुलवंंत क्रिकेट का इस कदर दीवाना था कि उसे कुछ और करना सूझता नहीं था।
130 की स्पीड से करता है गेंदबाजी
कुलवंत गेंदबाज है। पहला 20-20 मैच पिछले साल मुम्बई में खेला था, जिसमें लगभग 130 की स्पीड से गेंदबाजी की व चार विकेट लिए। कुलवंत के चयन पर चूड़ी अजीतगढ़ सरपंच अशोक सिंह शेखावत, चूड़ी चतरपुरा सरपंच गिरवरसिंह शेखावत, तेतरा निवासी मामा किशोर सिंह आदि ने खुशियां मनाई।
जन्म
13 मार्च 1992, चूड़ी अजीतगढ़, झुंझुनूं
पढ़ाई
10वीं तक की गांव के सरकारी स्कूल में हुई। 11वीं व 12वीं मंडावा के स्कूल और बीकॉम मुकुंदगढ़ के कानोडिय़ा कॉलेज से की।
मदद
बेटे को दिल्ली प्रशिक्षण के लिए पिता हर माह हजारों रुपए भेजते थे। रिश्तेदारों से पैसे उधार भी लेने पड़े।
जुनून
यह क्रिकेट के प्रति जुनून का ही नतीजा है कि कुलवंत ने बिना रणजी खेले ही आईपीएल तक का सफर तय कर लिया।
प्रयास
कुलवंत ने दो-तीन बार सेना भर्ती रैली में भी प्रयास किया था, वहां सफल नहीं हो सका था।
Published on:
21 Feb 2017 12:32 pm
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