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सही तारीख, सही मंत्र! Mahashivratri 2026 पर जन्मतिथि के अनुसार करें शिव मंत्रों का जाप

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और शिव से जुड़ने का पावन अवसर है। वर्ष 2026 की महाशिवरात्रि पर यदि आप अपनी जन्मतिथि (Birth Number) के अनुसार शिव मंत्रों का जाप करते हैं, तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ सकता है।

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भारत

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MEGHA ROY

Feb 09, 2026

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Shiva mantra according to date of birth|फोटो सोर्स- Chatgpt

Mahashivratri 2026:महाशिवरात्रि , इस बार साधारण नहीं मानी जा रही है, क्योंकि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 15 फरवरी को ग्रहों की स्थिति खास संकेत दे रही है। माना जा रहा है कि इस दिन की गई साधना और मंत्र जाप का प्रभाव सामान्य दिनों से कहीं अधिक हो सकता है। खास बात यह है कि जन्मतिथि के अनुसार जपा गया शिव मंत्र अलग-अलग फल देता है। ऐसे में सही तारीख और सही मंत्र का मेल भाग्य के बंद दरवाजें खोल सकता है। यही वजह है कि इस महाशिवरात्रि को ज्योतिष शास्त्र में बेहद प्रभावशाली बताया जा रहा है। भक्तों के बीच इसे लेकर पहले से ही खास उत्सुकता देखी जा रही है।

जन्म संख्या 1 (1, 10, 19, 28)

सूर्य ग्रह से प्रभावित लोगों के लिए यह मंत्र श्रेष्ठ है “ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्”यह मंत्र आत्मबल बढ़ाता है, विचारों को शुद्ध करता है और ज्ञान का मार्ग खोलता है।

जन्म संख्या 2 (2, 11, 20, 29)

चंद्र ग्रह के प्रभाव में जन्मे लोगों को जाप करना चाहिए “ॐ नमः शिवाय” यह मंत्र मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद को शांत करता है। नियमित जाप से मन को गहरी शांति मिलती है।

जन्म संख्या 3 (3, 12, 21, 30)

गुरु ग्रह से शासित लोगों के लिए मंत्र है “सांबा सदाशिव”यह मंत्र बुद्धि, ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करता है।

जन्म संख्या 4 (4, 13, 22, 31)

राहु ग्रह से जुड़े लोगों को जाप करना चाहिए “ॐ नमो भगवते रुद्राय”यह मंत्र नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर वातावरण को शुद्ध करता है।

जन्म संख्या 5 (5, 14, 23)

बुध ग्रह से प्रभावित लोगों के लिए शुभ मंत्र “ॐ नमः पार्वती पतये”यह मंत्र रिश्तों में मधुरता लाता है और जीवन में आनंद बढ़ाता है।

जन्म संख्या 6 (6, 15, 24)

शुक्र ग्रह के जातकों के लिए मंत्र “ॐ ओंकारेश्वराय नमः”यह मंत्र भीतर से उपचार करता है और भावनात्मक संतुलन देता है।

जन्म संख्या 7 (7, 16, 25)

केतु ग्रह से जुड़े लोगों को करना चाहिए “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्…”यह महामृत्युंजय मंत्र पापों से मुक्ति और आध्यात्मिक सुरक्षा देता है।

जन्म संख्या 8 (8, 17, 26)

शनि ग्रह के प्रभाव में जन्मे लोगों के लिए “ॐ कालभैरवाय नमः”यह मंत्र शनि दोष और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है ।

जन्म संख्या 9 (9, 18, 27)

मंगल ग्रह से शासित लोगों के लिए मंत्र “ॐ वीरभद्राय नमः”यह मंत्र साहस, आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति को बढ़ाता है।