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#NEET 2016 Results : देशभर के 8 लाख से ज्यादा छात्रों के बीच छा गया शेखावाटी का निखिल, कामयाबी के लिए इन बातों का रखा ध्यान

झुंझुनूं में शहर के रोड नम्बर दो स्थित बाजिया भवन में तीसरी रैंक आने के बाद निखिल बाजिया को बधाई देने के लिए तांता लग गया। बाजिया ने पूर्व में एम्स में एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में देश में दूसरी रैंक हासिल कर की थी।

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nikhil bajiya got 3nd rank in NEET 2016 Results

शेखावाटी के लाडले निखिल बाजिया ने नीट परीक्षा में ऑल इंडिया में तीसरा स्थान प्राप्त कर झुंझुनूं का नाम रोशन किया है। निखिल मूलत: सीकर जिले की नीमकाथाना तहसील में ढाणी भोपालपुुरा के रहने वाले हैं।

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वर्तमान में इनका परिवार झुंझुनूं में रह रहा है। मंगलवार को जारी हुए परीक्षा परिणाम में तीसरा स्थान मिलने की सूचना के साथ ही परिवार में खुशी का माहौल हो गया। उल्लेखनीय है कि परीक्षा में आठ लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था।

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शहर के रोड नम्बर दो स्थित बाजिया भवन में तीसरी रैंक आने के बाद निखिल बाजिया को बधाई देने के लिए तांता लग गया। बाजिया ने पूर्व में एम्स में एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में देश में दूसरी रैंक हासिल कर की थी। वर्तमान में वह उसमें प्रवेश लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

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निखिल के ताऊ बीडीके अस्पताल के शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वीडी बाजिया ने उसे चिकित्सा क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद निखिल ने तैयारी शुरू कर दी। निखिल ने बताया कि रटने के बजाए समझने की कोशिश करें। जिस विषय में परेशानी हो उसमें ज्यादा ध्यान दें।

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ज्यादा पुस्तकों की बजाए एक ही पुस्तक पर ध्यान दें। पढ़ाई के साथ सोना भी जरुरी है। फिजिक्स पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान साधारण मोबाइल फोन का उपयोग किया।

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मल्टी मीडिया फोन होने से ध्यान भटकता है। निखिल ने बताया कि कोटा में रह कर कोचिंग की। कोचिंग के अलावा करीब छह छंटे पढ़ाई की। उन्होंने तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए कहा कि वे पढ़ाई के दौरान तनाव में ना आएं।

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पढ़ाई के साथ शरीर को पूरा आराम दें। कुछ विद्यार्थी तनाव में आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान परिवार में होने वाले किसी भी समारोह में वे शामिल नहीं हुए।

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यहां तक की उनके दादाजी के निधन की सूचना भी उसे नहीं दी गई। निखिल के पिता भंवर ङ्क्षसह बाजिया कोटा में सहकारी समितियों में डिप्टी रजिस्टार हैं और माता सरोज देवी नागौर जिले में एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका है। वहीं उसकी बड़ी बहन भी एमबीबीएस कर रही है।

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