झुंझुनूं। पिछले दिनों जिले
की स्कूलों में लगाए गए कनिष्ठ और वरिष्ठ शिक्षकों को गड़बड़ी की ज्वाइनिंग कहें तो
कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। अपनों को मनचाहे स्थानों पर ज्वाइनिंग देने के कारण आज
स्कूलों में असंतुलन की नौबत आ गई है।
एक स्कूल में एक विष्ाय के दो से पांच
शिक्षक। जिसका खमियाजा सैकड़ों शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने जैसी समस्या से भुगतना
पड़ रहा है। संस्था प्रधानों के सामने भी विकट परिस्थितियां पैदा हो गईकि वे किसे
अधिशेष माने। पिछले दिनों राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से चयनित किए गए द्वितीय
श्रेणी शिक्षकों रिक्त पदों पर नियुक्ति दे दी गई। वहीं डीपीसी से पदोन्नत होकर आए
शिक्षकों को उनके मनचाहे स्कूलों में रमसा अंकित कर गलत तरीके शिक्षा विभाग चूरू के
तत्कालीन उप निदेशक ने लगा दिया। इस वजह से एक स्कूल में एक ही विषय के कईशिक्षक हो
गए और अब उनके वेतन आहरण की समस्या पैदा हो गई है।
गड़बडियों पर तत्कालीन उप
निदेशक को चार्जशीट
इस प्रकार की गड़बडियां करने पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक
बीकानेर ने चूरू के तत्कालीन उप निदेशक सूर्यप्रकाश त्रिवेदी को चार्जशीट दी है।
इसके अलावा इसमें शामिल एक लिपिक महावीरसिंह चौहान को निलंबित कर दिया
है।
वरिष्ट लिपिकों के वेतन की समस्या
अनेक विद्यालयों में वरिष्ठ
लिपिकों के पदों की कटौती कर उनकी जगह कार्यालय सहायक के पद आवंटित किए गए हैं।
जबकि वरिष्ट लिपिकों के वेतन व्यवस्था के कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। उनके भी
वेतन आहरण में भी समस्या आ गई है।
शिक्षा विभाग ने मांगे
प्रस्ताव
शिक्षा विभाग ने वेतन के लिए परेशान शिक्षकों के प्रस्ताव मांगे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) के माध्यम से ये प्रस्ताव उप निदेशक माध्यमिक
शिक्षा चूरू को भेजे जाएंगे।
होना क्या था...
केंद्र ने 2008 से पहले
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के अंतर्गत क्रमोन्नत राजकीय उच्च
माध्यमिक और माध्यमिक स्कूलों में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए कुछ पदों पर शिक्षक
लगाने की अनुमति दी थी।
इसकी आड़ में तत्कालीन उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा
चूरू ने स्कूलों में शिक्षकों को रमसा अंकित कर गलत तरीके से ज्वाइनिंग दे दी। जबकि
इन स्कूलों में आरपीएससी की ओर से वरिष्ठ अध्यापक लगा दिए गए थे।
खाली पदों
से होगी वेतन व्यवस्था
मनचाहे तरीके से दी गईज्वाइनिंग के बाद वेतन आहरण के लिए
माध्यमिक शिक्षा निदेशक बीकानेर ने एक तरीका निकाला है। जहां एक से अधिक कार्यरत
शिक्षकों में सबसे पहले कार्यरत शिक्षक है उसका वेतन आहरण होना जरूरी है। वेतन उसी
शिक्षक को दिया जाएगा जो पहले से कार्यरत है। इन शिक्षकों का वेतन रमसा बजट से किया
जाएगा।अगर रमसा के नाम से दो शिक्षक लगे हैं तो कनिष्ठ शिक्षक की वेतन व्यवस्था
किसी स्कूल में खाली पड़े पदों से की जाएगी।
इनका कहना है...
अधिशेष
शिक्षकों के वेतन आहरण की व्यवस्था जिले के स्कूलों में खाली पड़े पदों से की
जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। सभी के प्रस्ताव आ जाने के बाद उप
निदेशक शिक्षा चूरू को भेजकर वेतन की व्यवस्था की जाएगी। जिले के अधिकांश स्कूलों
में एक विषय पर कई शिक्षक लगे हुए हैं। इंद्राजसिंह, जिला शिक्षा अधिकारी
(माध्यमिक), झुंझुनूं
ये है
स्कूलों का हाल
केस- 1
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हमीरी कलां
में सामाजिक विज्ञान विषय के तीन शिक्षकों को ज्वाइनिंग दे रखी है।
केस- 2
राजकीय माध्यमिक विद्यालय मेहाड़ा गुर्जरवास में
अंग्रेजी विषय के तीन शिक्षकों को लगा रखा है।
केस -3
राजकीय माध्यमिक
विद्यालय परसरामपुरा में अंग्रेजी विषय के तीन शिक्षक कार्यरत
हैं।
केस-4
बारवां गांव के राजकीय स्कूल में अंग्रेजी विषय के तीन शिक्षक
लगा दिए गए।