
दस अरब रुपए तो हर साल तेल में फूंक देते हैं झुंझुनूं वाले
पत्रिका एक्सक्लूसिव
राजेश शर्मा
झुंझुनूं. जिलेवासी डीजल व पेट्रोल पर हर वर्ष करीब 10 अरब रुपए से ज्यादा की राशि खर्च कर रहे हैं। हर माह करीब 90 करोड़ रुपए तथा हर दिन करीब तीन करोड रुपए से ज्यादा की राशि डीजल व पेट्रोल पर खर्च की जा रही है। यह राशि वह है जो झुंझुनूं में खर्च हो रही है। इसके अलावा सैकड़ों वाहन हर दिन हरियाणा के लुहारू, गोदबलाहा, नारनौल मार्ग, हिसार के निकट व अन्य जगह से सही व गलत तरीके से डीजल भरवाकर ला रहे हैं। भाव कम व ज्यादा होने पर कुल राशि में बदलाव संभव है। अनेक वाहन चालकों ने तो एक की जगह टो टंकी अवैध रूप से लगवा ली है।
जानकारों का कहना है चार साल पहले जिले में पेट्रोल पम्पों की संख्या 78 थी। सरकारी कम्पनी के 118 पेट्रोल पम्प हो गए हैं। अब पेट्रोल पम्प लेने की शर्तें आसान होने के कारण इनकी संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। वहीं निजी कम्पनियों के पम्पों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है।
अब भविष्य ई वाहनों का
पेट्रोल पम्प संचालकों का कहना है कि डीजल व पेट्रोल के पम्पों का भविष्य 5 से सात साल तक ही रहेगा। इन पर बिक्री घटने लगेगी। केन्द्र सरकार का मानना है कि भारत का बहुत सा धन विदेशों को डीजल व पेट्रोल खरीदने के लिए देना पड़ रहा है। ऐसे में केन्द्र सरकार इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों तथा एथनॉल से चलने वाले वाहनों पर जोर दे रही है। कुछ सालों में अधिकतर ट्रेन भी बिजली से चलने लग जाएंगी। इसके चलते कुछ ही वर्षों में पम्पों की जगह चार्जिंग स्टेशन शुरू हो जाएंगे।
#petrol and diesel story in jhunjhunu
यह है पूरा गणित
सरकारी कम्पनियों के पम्प 118
निजी कम्पनियों के पम्प 22
कुल पम्प 140
चलते फिरते पम्प वैध 2
चलते फिरते पम्प अवैध अनेक
डीजल के भाव 92.33 रुपए/लीटर
पेट्रोल के भाव 108.85 रुपए/लीटर
(पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार)
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#petrol and diesel story in jhunjhunu
फोन करो मिलेगा तेल
इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल) के सेल्स ऑफिसर आशीष कुमार के अनुसार जिले में चलते फिरते दो पम्प वैध रूप से चल रहे हैं। इनके माध्यम से ऐसे बड़े साधनों, मशीनों, जनरेटर व अन्य उपकरणों में तेल भरा जा सकता है जो चल नहीं सकते। इसके अलावा कम्पनी ने एक ऐप बनाया है। इसका नाम है फ्यूल एट द रेट कॉल। इसके माध्यम से कोई भी वाहन चालक अपनी पसंद की जगह डीजल/पेट्रोल मंगवा सकता है। इसका कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाता।
इनका कहना है
जिले में हर साल करीब 10 अरब रुपए से ज्यादा के डीजल व पेट्रोल की बिक्री हो रही है। हरियाणा की तुलना में अगर राजस्थान में तेल सस्ता मिलने लग जाए तो यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। हरियाणा से अवैध रूप से आ रहे डीजल पर रोक लगनी चाहिए।
-बाबूलाल राजोरिया, प्रबंधक पेट्रोल पम्प, झुंझुनूं
इनका कहना है
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जिले में अभी कुल 140 पम्प संचालित हैं। इनमें 118 सरकारी कम्पनियों के हैं। जिले में हर दिन करीब तीन करोड़ रुपए से ज्यादा के पेट्रोल व डीजल की बिक्री हो रही है। लेकिन पेट्रोल पम्पों पर बिक्री पांच-सात साल बाद कम होने लगेगी। पांच साल बाद पम्पों की जगह चार्जिंग स्टेशन लगने लगेंगे। वाहन भी डीजल व पेट्रोल की जगह बिजली व गैस से चलने वाले आ जाएंगे।
-श्याम सिंह कटेवा, कार्यकारी अध्यक्ष झुंझुनूं जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन
Published on:
09 Dec 2021 07:01 pm

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