कई प्रत्याशी अपने प्रचार अभियान का रूट बना रहे हैं। वे रूट इस प्रकार का बना रहे हैं कि सुबह शुरू गांव से हो और दिन की आखिरी सभा भी गांव में हो। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में कुल बूथ 1730 हैं, इनमें शहरों में मात्र 252 हैं, जबकि ग्रामीण बूथों की संख्या 1478 है।
Rajasthan assembly election 2023
पार्टी वाले प्रत्याशी हो या निर्दलीय, सभी का फोकस शहरों की बजाय गांवों पर ज्यादा है। अब तो बड़ी सभा भी गांवों में करवाई जा रही है। इसका करण यह भी है कि शहरों से ज्यादा मतदान बूथ गांवों में है। यहीं से चुनाव की हार-जीत का माहौल बनता है। कई प्रत्याशी अपने प्रचार अभियान का रूट बना रहे हैं। वे रूट इस प्रकार का बना रहे हैं कि सुबह शुरू गांव से हो और दिन की आखिरी सभा भी गांव में हो। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में कुल बूथ 1730 हैं, इनमें शहरों में मात्र 252 हैं, जबकि ग्रामीण बूथों की संख्या 1478 है। खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र में तो शहरी बूथों की संख्या मात्र बारह है।
प्रशासन का ध्यान भी गांवों में
Rajasthan assembly election Jhunjhunu 2023
केवल प्रत्याशी ही नहीं बल्कि प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों का फोकस भी गांवों में ही ज्यादा है। इसका कारण यह भी है कि पिछली बार जितनी छोटी-बड़ी वारदात हुई उनमें अधिकांश गांवों में ही हुई थी। इसके अलावा खेतड़ी, पिलानी व सूरजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अनेक गांवों की सीमा हरियाणा से जुड़ी हुई है। दो दिन पहले सीकर के संभागीय आयुक्त डॉ मोहनलाल यादव व पुलिस महानिरीक्षक सत्येंद्र सिंह आए थे। उन्होंने भी जिला निर्वाचन अधिकारी बचनेश कुमार अग्रवाल व एसपी देवेंद्र कुमार बिश्नोई के साथ पिलानी एवं सूरजगढ़ के क्षेत्र के गांवों का दौरा ज्यादा किया था। संवेदनशील बूथ भी गांवों में ही ज्यादा हैं।
कहां कितने बूथ
विधानसभा क्षेत्र शहरी ग्रामीण
पिलानी 53 182
सूरजगढ़ 14 275
झुंझुनूं 72 177
मंडावा 30 226
नवलगढ़ 51 209
उदयपुरवाटी20 212
खेतड़ी 12 197
कुल 252 1478