
संतोष देवी: फोटो पत्रिका
झुंझुनूं। जिले के नवलगढ़ की सीमा से सटे बेरी गांव की प्रगतिशील किसान संतोष देवी खेदड़ को गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए संतोष देवी को राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण पत्र मिला है।
संतोष देवी पिछले 18 वर्षों से परंपरागत खेती छोड़कर फलदार पौधों की बागवानी कर रही है। उसके परिवार बागवानी में नवाचार व जैविक खाद व जैविक कीटनाशकों के उपयोग से लाखों रुपए कमा रहे है। इसके साथ ही संतोष अब तक वह सैकड़ों किसानों को भी बागवानी के गुर सिखा चुकी है। इस कार्य में उसके पति रामकरण खेदड़ व कृषि विज्ञान में एमएससी कर चुके पुत्र राहुल खेदड़ भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
संतोष देवी ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी, लेकिन अपनी लगन व मेहनत के बल पर नर्सरी और बागवानी में ऊंची डिग्रियां रखने वालों को भी पीछे छोड़ दिया। वे अपने बगीचे में ही नर्सरी व बागवानी का रिसर्च सेंटर चलाती हैं। उनके बगीचे में वर्ष 2015 से शुरू किया गया एचआरएमएन-99 किस्म के सेब के सैकड़ों पेड़ लहलहा रहे हैं। इन पेड़ों पर प्रतिवर्ष प्रति पेड़ करीब 70 किलो फल लगते हैं, जो भीषण गर्मी के बीच जून के महीने में पक कर तैयार हो जाते हैं। इसके अलावा उनके बगीचे में अनार, मौसमी, बेर, चिकु, किन्नू, अंजीर, रेड जापानी अमरूद आदि की भी बम्पर पैदावार हो रही है।
संतोष खेदड़ को अनेक बार जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें वर्ष 2019 में आईएफएस द्वारा राष्ट्रीय सम्मेलन में किसान वैज्ञानिक के रूप में नवाजा गया। साथ ही वर्ष 2016 में कृषि वैज्ञानिक की पदवी मिली। वर्ष 2021 में केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान बीकानेर व एआईपीसी राजस्थान द्वारा राज्यस्तर पर, वर्ष 2018 में राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर द्वारा राज्यस्तर पर सम्मानित किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली द्वारा जून 2024 में नवोनमैसी किसान के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।
Published on:
16 Jan 2026 04:42 pm
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