6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

श्राद्ध में खास महत्व है लोहार्गल का, भगवान परशुराम ने किया था प्रायश्चित यज्ञ, यहीं पापों से मुक्त हुए थे पांडव

Lohargal Dham : श्राद्ध पक्ष में पूजन व पितृ तर्पण का खास महत्व है। जिले के ऐतिहासिक स्थान लोहार्गल का अहम स्थान है। यहां भगवान परशुराम ने पितृ तर्पण किया था जबकि शस्त्र गलने के कारण पांडव यहीं पाप से मुक्त हुए थे।

2 min read
Google source verification
shraddha_paksha_pooja_and_tarpan_during_bhagvan_surya_dev_in_lohargal_of_jhunjhunu_.jpg

पुष्पेंद्र सिंह दूत
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/झुंझुनूं/नवलगढ़। Lohargal Dham : श्राद्ध पक्ष में पूजन व पितृ तर्पण का खास महत्व है। जिले के ऐतिहासिक स्थान लोहार्गल का अहम स्थान है। यहां भगवान परशुराम ने पितृ तर्पण किया था जबकि शस्त्र गलने के कारण पांडव यहीं पाप से मुक्त हुए थे। श्राद्ध पक्ष शुरू होने के साथ ही लोहार्गल में श्रद्धालुुओं की आवक शुरू हो गई है।

पौराणिक ग्रंथों व लोहार्गल माहात्म्य के अनुसार भगवान परशुराम ने लोहार्गल धाम में पितृ तर्पण के साथ प्रायश्चित यज्ञ किया। यज्ञ के बाद यज्ञ वेदी के आग्नेय कोण से तीर्थ का जल निकालकर वेदी की अग्नि को ठंडा किया। उन्होंने यहां पिता महर्षि जमदग्नि की पितृ आत्मा का तर्पण किया। तब से ही लोहार्गल धाम का पितृ तर्पण, पिंडदान व दिवंगत लोगों की अस्थि प्रवाह करने के लिए विशेष महत्व है।

यह भी पढ़ें : 150 ट्रेनों के पहिये थमे, मुश्किल में सफर...रोज 4000 टिकट हो रहे रद्द

पत्नी के साथ विराजमान है भगवान सूर्य
भगवान परशुराम ने प्रार्थना कर लोहार्गल में सूर्य भगवान को सपत्नीक विराजमान करवाया था। कालांतर में काशी के राजा सूर्यभान ने अपनी बेटी का अपंग हाथ ठीक होने पर यहां सूर्य भगवान का भव्य मंदिर बनवाया। लोहार्गल में सूर्य मंदिर के पीछे भीम कुंड, भीम गुफा आज भी मौजूद है। कुंड के पास पहाड़ पर वनखंडी, मालकेतु मंदिर, कुछ दूरी पर प्रसिद्ध ज्ञान बावड़ी सहित अनेक दर्शनीय स्थल मौजूद हैं।

यहां मिली थी पापों से मुक्ति
ग्रंथों के अनुसार लोहार्गल के सूर्य कुंड में पांडवों ने स्नान किया। अर्जुन का गांडीव धनुष भीम की गदा कुंड के जल में छोड़े गए तो दोनों शस्त्र द्रविभूत हो गए। तब जाकर पांडवों को कौरवों की हत्या के पाप से मुक्ति मिली।

श्राद्ध पक्ष में पितृ तर्पण व पितृ शांति के लिए लोहार्गल धाम के सूर्य क्षेत्र में देश भर से लोग यहां आते हैं। यहां तर्पण करने से पितृ आत्माओं को शांति व शक्ति मिलती है। अवधेशाचार्य, पीठाधीश्वर, सूर्य मंदिर, लोहार्गल