शिक्षा नगरी के नाम से विख्यात पिलानी के इको पार्क में बनाया गया शौर्य स्थल वीर भूमि पार्क यहां आने वाले सैलानियों और बच्चों को भारत के वीर सपूतों की शौर्य गाथाओं से रूबरू करवा रहा हैं ।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/पिलानी/झुंझुनूं। शिक्षा नगरी के नाम से विख्यात पिलानी के इको पार्क में बनाया गया शौर्य स्थल वीर भूमि पार्क यहां आने वाले सैलानियों और बच्चों को भारत के वीर सपूतों की शौर्य गाथाओं से रूबरू करवा रहा हैं । इस पार्क में भारतीय सैनिकों के बलिदान और उनके शौर्य प्रदर्शित करते हुए प्रथम एवं द्वितीय विश्व युद्ध, 1947-48 भारत पाक युद्ध, 1962 भारत चीन युद्ध, 1965 एवं 1971 भारत पाक युद्ध तथा 1999 करगिल युद्ध के दौरान के पराक्रम को दर्शाते हुए लाइव कमेंट्री के माध्यम से शौर्य गाथाओं की जानकारी दी जाती हैं । इस शौर्य स्थल पर 6 युद्धों के सैनिकों को नमन करते हुए 6 कृत्रिम पहाड़ियों पर सैनिक प्रतीकों की प्रदर्शनी लगाई गई है। इन युद्धों के इतिहास के प्रति देश के लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से यहां हिन्दी व अंग्रेजी में व्याख्यान के साथ देशभक्ति संगीत का भी प्रबंध किया गया है।
पार्क डेवलप करने में लगा 4 महीने का समय
बीईटी निदेशक मेजर जनरल एस नयर ने बताया कि पार्क बनाने का विचार तो आ गया। लेकिन अब इसे डेवलप कैसे करें यह एक बड़ी चुनौती थी। क्योंकि हेलमेट और राइफल किस तरह से उपलब्ध हो पाएंगे और डिजाइन, कमेंट्री कैसे तैयार होगी। यह भी एक चुनौती थी। लेकिन लगभग 4 महीने का समय लगा और बीईटी के कार्यालय में कार्यरत प्रोफेसर, अध्यापकों की मदद से विशेष कमेंट्री तैयार की गई। आर्मी के पुराने हेलमेट अरेंज करने में समय लगा। पार्क में जो राइफल लगी है वह डमी राइफल है।
पार्क बना बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत
पिलानी आने वाले सैलानियों व स्कूली बच्चों के लिए बिरला म्यूजियम व सरस्वती मंदिर के बाद अब शौर्य पार्क बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है। अब इस पार्क में स्कूली बच्चे भ्रमण कर सकेंगे और वीर सपूतों की गाथाओं को कमेंट्री के जरिए सुन सकेंगे।
वीर सपूतों को कर सके नमन इसलिए बनाया पार्क
रिटायर्ड मेजर जनरल एसएस नायर ने बताया की जब पिलानी आए तो उन्हें कोई इस तरह की जगह नहीं मिली। जहां पर वीर सपूतों को नमन किया जा सके । इसी को लेकर वीर भूमि पार्क का आइडिया आया। इसके बाद बिरला सांइस सेंटर के सहयोग से इको पार्क में वीर भूमि पार्क को बनाया ताकि पिलानी में देश भर से आने वाले बच्चे देश के वीर सपूतों की वीर गाथाओं से रूबरू होते हुए प्रेरणा ले सकें । इस वीरभूमि में भारतीय सैनिकों की वीर गाथा व युद्धों के इतिहास के वर्णन की लोगों द्वारा काफी सराहना की जा रहा है।