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राजेन्द्र गुढ़ा के करीबी पालिकाध्यक्ष क्यों हुए निल​म्बित, जानें पूरी कहानी

वहीं एक चर्चा यह भी है कि रामनिवास सैनी को विधायक राजेन्द्र सिंह गुढ़ा का करीबी माना जाता है। हाल ही में राजेन्द्र सिंह गुढ़ा को मुख्यमंत्री ने बखाZसत किया है। इसके बाद से गुढ़ा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। लोग सैनी के निलम्बन को गुढ़ा के बयान से जोड़कर भी देख रहे हैं। क्योंकि मामला पुराना है, निलम्बन की कार्रवाई अब हुई है। इसके अलावा चर्चा यह भी है कि गुढा की हिस्ट्रीशीट भी जयपुर के उच्चाधिकारियों ने मांगी है।

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राजेन्द्र गुढ़ा के करीबी पालिकाध्यक्ष क्यों हुए निल​म्बित, जानें पूरी कहानी

राजेन्द्र गुढ़ा के करीबी पालिकाध्यक्ष क्यों हुए निल​म्बित, जानें पूरी कहानी

Udaipurwati Municipal President Ramniwas Saini

उदयपुरवाटी (झुंझुनूं ). नगरपालिका में चार बागवानों की भर्ती के मामले में स्वायत्त शासन विभाग ने पालिकाध्यक्ष रामनिवास सैनी को निलंबित कर दिया है। विभाग के निदेशक हृदेश कुमार शर्मा ने उनके निलम्बन आदेश जारी किए हैं। इसमें बताया गया है कि नगरपालिका में बागवानों की नियम विरूद्ध भर्ती करने की शिकायत मिली थी। जांच अधिकारी ने नगरपालिका में वर्ष 2022 में चार बागवानों की नियुक्ति को पूर्ण रूप से नियम विरुद्ध पाया। इसमें सामने आया कि नगरपालिका में चार बागवानों के पद स्वीकृत नहीं थे। फिर भी पालिकाध्यक्ष ने नियुक्ति दी। जिन व्यक्तियों को बागवान पद पर नियुक्ति दी गई, वह आपस में रिश्तेदार हैं। दोषी पाए जाने पर पालिकाध्यक्ष रामनिवास सैनी को सदस्य के पद व अध्यक्ष के पद से तुरंत प्रभाव से निलंबित किया गया है।


जवाब से नहीं हुए संतुष्ट

जांच रिपोर्ट के आधार पर नगरपालिका अधिनियम के तहत सुनवाई का अवसर देते हुए पालिकाध्यक्ष को जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया गया था। पालिकाध्यक्ष की ओर से दिया गया जवाब विधिक परीक्षण करवाने पर संतोषप्रद नहीं पाया गया। इस पर माना गया कि पालिकाध्यक्ष ने अपने पद का दुरुपयोग किया है।

नगरपालिका के पार्षदों ने की थी शिकायत

नगरपालिका में की गई बागवान भर्ती की शिकायत नगरपालिका के पार्षदों की ओर से की गई थी। पार्षदों ने आरोप लगाया था कि नगरपालिका में बागवानों की भर्ती नियम विरूद्ध की गई है। इसकी जांच करवाई जाए। पार्षदों की शिकायत के बाद जांच में पालिकाध्यक्ष को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया।

पालिकाध्यक्ष बोले राजनीतिक षडय़ंत्र

निलंबित होने के बाद पालिकाध्यक्ष रामनिवास सैनी ने कहा कि उनका निलंबन राजनीतिक षडय़ंत्र के तहत हुआ है। क्योंकि मामले में ईओ को निलंबित नहीं किया गया है। नियुक्ति मेरे हस्ताक्षरों से नहीं हुई है। नियुक्ति पर तो अधिशाषी अधिकारी के हस्ताक्षर हैं। मामले को लेकर न्यायालय की शरण ली जाएगी।

चर्चा यह भी खूब

वहीं एक चर्चा यह भी है कि रामनिवास सैनी को विधायक राजेन्द्र सिंह गुढ़ा का करीबी माना जाता है। हाल ही में राजेन्द्र सिंह गुढ़ा को मुख्यमंत्री ने बर्खास्त किया है। इसके बाद से गुढ़ा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। लोग सैनी के निलम्बन को गुढ़ा के बयान से जोड़कर भी देख रहे हैं। क्योंकि मामला पुराना है, निलम्बन की कार्रवाई अब हुई है। एडवोकेट रामनिवास सैनी पहले भाजपा में सक्रिय थे। उदयपुरवाटी से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। गुढ़ा ही उनको कांग्रेस में लेकर आए थे। फिर पालिकाध्यक्ष बनवाने में भी गुढ़ा की ही मुख्य भूमिका रही थी।

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