सुखदेव सिंह के पिता अचल सिंह करीब 60 साल पहले धमोरा से हनुमानगढ़ जिले के गांव गोगामेड़ी के चक 9 डीपीएन में जाकर बस गए। हालांकि उनका मकान धमोरा में है। सुखदेव सिंह का जन्म भी गोगामेड़ी में ही हुआ था। उनके खानदान के कई लोग भी धमोरा में रहते हैं। करीब दो महीने पहले गांव में एक शादी समारोह में सुखदेव सिंह आए भी थे।
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या पर झुंझुनूं जिले के धमोरा गांव में भी शोक की लहर है। सुखदेव सिंह के पिता अचल सिंह मूलतः राजस्थान के झुंझुनूं जिले के धमोरा गांव के रहने वाले थे। हत्या की सूचना पर करणी सेना ने गुढ़ागौड़जी में भोड़की चौराहे पर कुछ देर के लिए रोड जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में उन्होंने थानाधिकारी को आरोपियों की गिरफ्तारी करने और सीबीआई को मामले की जांच सौंपने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। गिरफ्तारी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इस मौके पर करणी सेना ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, रवि दुड़िया, राजेंद्र पहलवान धमोरा, लाल सिंह धमोरा, राजेंद्र सिंह छऊ , आनंद सिंह जितेंद्र सिंह, रामसिंह टीटनवाड़, रणवीर सिंह लिलो की ढाणी, विष्णु सिंह राठौड़, ओंकार सिंह, रणवीर सिंह बड़ागांव, विपिन सिंह आदि मौजूद थे।
धमाेरा में रहते हैं सुखदेव के परिवार के लोग
सुखदेव सिंह के पिता अचल सिंह करीब 60 साल पहले धमोरा से हनुमानगढ़ जिले के गांव गोगामेड़ी के चक 9 डीपीएन में जाकर बस गए। हालांकि उनका मकान धमोरा में है। सुखदेव सिंह का जन्म भी गोगामेड़ी में ही हुआ था। उनके खानदान के कई लोग भी धमोरा में रहते हैं। करीब दो महीने पहले गांव में एक शादी समारोह में सुखदेव सिंह आए भी थे।
साजिश के तहत हत्या का लगाया आरोप
प्रदर्शन के दौरान रविन्द्र सिंह दुड़िया ने कहा कि सुखदेव सिंह की हत्या साजिश के तहत हुई है। भाजपा के इशारे पर यह काम हुआ है। सुखदेव ने करीब दो महीने पहले प्रशासन को सूचना दी थी कि उसकी जान को खतरा है। लेकिन उसके बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।ओंकार सिंह गुढ़ागौड़जी ने कहा कि बुधवार 11 बजे तक आरोपियों गिरफ्तारी नहीं होगी और पूरे मामले की सीबीआई जांच नहीं होगी तो गुढ़ागौड़जी को फिर से जाम किया जाएगा।
दो की पहचान
गोगामेड़ी को गोली मारने वाले दोनों आरोपियों की पहचान हो गई है। एक का नाम रोहित है। दूसरे का नाम नितिन फौजी है। नितिन हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के दौंगड़ा जाट का रहने वाला बताया जा रहा।
गाड़ी ठीक कराने के बहाने घर से निकला था नितिन
नितिन के पिता मीडिया से बात करते हुए कहा कि 9 नवंबर को नितिन गाड़ी ठीक कराने के लिए महेंद्रगढ़ गया था। उसी दिन शाम 4 बजे तक गाड़ी ठीक हो गई थी। उसके बाद हमारे से उसका अभी तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है। नितिन को लेकर मीडिया में कई प्रकार की बातें चल रही है, लेकिन हमें कुछ भी मालूम नहीं है। परिजनों के अनुसार उसे 10 नवंबर को वापस सेना में जाना था। वहीं नितिन के गांव के लोगों के कहना है कि हमें विश्वास नहीं हो रहा है कि वह इस तरह से काम कर सकता है। हम उम्मीद यही करते हैं कि जिस कड़ी से वह जुड़ा हुआ है, जिस व्यक्ति ने उससे यह काम करवाया है। उस तह तक जाना जरूरी है।