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ircc iitb recruitment- सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर के पदों पर वैकेंसी निकली, करें आवेदन

ircc iitb recruitment notification 2018, इंडस्ट्रियल रिसर्च एंड कंसल्टेंसी सेंटर, आईआईटी मुम्बई ने सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर

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Yuvraj Singh Jadon

Jan 19, 2018

IITB

ircc iitb recruitment notification 2018, इंडस्ट्रियल रिसर्च एंड कंसल्टेंसी सेंटर, आईआईटी मुम्बई ने सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक व योग्य उम्मीदवार इन पदों के लिए 31 जनवरी 2018 तक या उससे पहले निर्धारित प्रारूप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।


इंडस्ट्रियल रिसर्च एंड कंसल्टेंसी सेंटर, आईआईटी मुम्बई में रिक्त पदों का विवरणः

सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर -2 पद


इंडस्ट्रियल रिसर्च एंड कंसल्टेंसी सेंटर, आईआईटी मुम्बई में रिक्त पदों पर आवेदन के लिए पात्रता मानदंड व शैक्षिक / तकनीकी योग्यता और अनुभव:
सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर: प्रसिद्ध संस्थान से एमटेक / बीटेक (ऑपरेशन्स मैनेजमेंट) / एमबीए (ऑपरेशन / प्रोजेक्ट मैनेजमेंट) या समकक्ष सम्बंधित विषय में न्यूनतम 8/10 वर्षों का अनुभव।


चयन प्रक्रिया:
उम्मीदवारों का चयन शैक्षणिक योग्यता और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा।

आवेदन कैसे करें:

उम्मीदवार 31 जनवरी 2018 तक या उससे पहले 'http://www.ircc.iitb.ac.in/IRCC-Webpage/rnd/HRMSLoginPage.jsp' पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अधिसूचना विवरण:
विज्ञापन संख्या: डीआरडी / आरईसीटीटी / प्रोजेक्ट 07/2018
महत्वपूर्ण तिथि:
आवेदन की अंतिम तिथि: 31 जनवरी 2018

ircc iitb recruitment notification 2018:

इंडस्ट्रियल रिसर्च एंड कंसल्टेंसी सेंटर, आईआईटी मुम्बई ने सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत अधिसूचना यहां क्लिक करें।

परिचयः

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुम्बई मुम्बई शहर के उत्तर-पश्चिम में पवई झील के किनारे स्थित भारत का अग्रणी स्वशासी अभियांत्रिकी विश्वविद्यालय है। यह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान श्रृंखला का दूसरा सबसे बड़ा परिसर और महाराष्ट्र राज्य का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है। आई. आई. टी., मुंबई भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान श्रृंखला का दूसरा संस्थान था, जो यूनेस्को और सोवियत संघ के अनुदान से सन् 1958 में स्थापित हुआ था। यूनेस्को ने सोवियत संघ की सहायता से मशीनरी और तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराया और भारत सरकार ने निर्माण और अन्य खर्चों का वहन किया। संस्थान के निर्माण के लिये मुंबई से 18 मील दूर पवई में 550 एकड़ भूमि राज्य सरकार ने उपलब्ध कराई। निर्माण के दौरान ही 25 जुलाई 1958 को सिंथेटिक एंड आर्ट सिल्क मिल्स रिसर्च एसोसिएसन (SASMIRA) वर्ली मुंबई के प्रांगण में 100 छात्रों के साथ प्रथम शिक्षण सत्र का प्रारंभ हुआ। इस सत्र के लिये कुल 3,400 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे। इनमें से 100 छात्रों को रसायन, जनपथ, यांत्रिकी, विद्युत और धातु अभियंत्रण के प्रथम वर्ष स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया गया। संस्थान को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य विभिन्न अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी विषयों के लिये उपयुक्त शिक्षकों और सुविधाओं को उपलब्ध कराना था। निर्माण के दौरान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिये आवश्यक ढाँचे के विकास को भी ध्यान में रखा गया था।