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मैक इन इंडिया और स्मार्ट सिटी से 2017 में होगी रोजगार की भरमार

रिक्रूटमेंट और जॉब कंसल्टेंसी फर्मो का मानाना है कि मेक इन इंडिया और स्मार्ट सिटी जैसे सरकारी अभियानों से फाइनैंशल इयर 2017

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Yuvraj Singh Jadon

Jan 29, 2016

Make in India

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नई दिल्ली। रिक्रूटमेंट और जॉब कंसल्टेंसी फर्मो का मानाना है कि मेक इन इंडिया और स्मार्ट सिटी जैसे सरकारी अभियानों से फाइनैंशल इयर 2017 में रोजगार के 5 लाख से भी ज्यादा मौके पैदा हो सकते हैं। मैनपावर ग्रुप इंडिया, केली सर्विसेज और टीमलीज सर्विसेज जैसी फर्मो को रेल एंड मेट्रो ट्रांसपोर्ट, कंस्ट्रक्शन, एनर्जी (खासतौर पर रिन्यूएबल), पोट्र्स और बाकी इन्फ्रास्ट्रक्चर में वर्कर्स की मांग में चार गुना की बढ़ोतरी की उम्मीद है। इन कंपनियों के मुताबिक, जॉब सेक्टर में इस सुधार के चलते लीडरशिप रोल पर सैलरी रेकॉर्ड हाई यानी 1 करोड़ रुपए से भी ज्यादा तक पहुंच सकती है। इस तरह कुल मिलाकर, अगले साल टॉप और मिडल लेवल पर सैलरी में 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन एंड टीमलीज में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के मुताबिक 2020 तक तमाम सेक्टरों से जुड़े नए प्रॉजेक्ट्स में तकरीबन 16 लाख रोजगार पैदा होंगे और 2016-17 तक नए प्रॉजेक्ट्स से 5 लाख नई जॉब्स पैदा हो सकती हैं।फिलहाल वर्तमान में स्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया उन कंपनियों में शामिल है, जो पावर, ऑयल एंड गैस, रिन्यूएबल एनर्जी, इंडस्ट्री ऑटोमेशन, बिल्डिंग, रेजिडेंशल और एनर्जी जैसे सेक्टरों में प्रॉजेक्ट मैनेजरों की हायरिंग कर रही है। कंपनी की चीफ एचआर ऑफिसर रचना मुखर्जी ने बताया, 'मेक इन इंडिया निश्चित तौर पर प्रॉजेक्ट मैनेजरों के लिए अतिरिक्त मौके पैदा करेगा।

एक और अहम जॉब सर्च फर्म के एक पार्टनर ने बताया, 'प्रॉजेक्ट डायरेक्टरों के लिए एक करोड़ से ज्यादा की सैलरी नया चलन है, लेकिन अब भी पर्याप्त संख्या में टैलंट नहीं मिल रहे हैं। दरअसल, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि सेक्टरों में काम की रफ्तार अचानक से बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि 'जिन कंपनियों को एंप्लॉयीज की तलाश है, उनमें एल्सटॉम, लार्सन एंड टुर्बो, हिंदुस्तान पावर प्रॉजेक्ट्स, एजर पावर, शापूरजी पालोनजी, रिलायंस और अडानी ग्रुप शामिल हैं। जो कंपनियां नए प्रॉजेक्ट्स पर काम कर रही हैं, वे फाइनैंस की जानकारी रखने वाले इंजिनियर्स की तलाश में हैं। हिंदुस्तान पावर प्रॉजेक्ट्स के चेयरमैन रातुल पुरी ने बताया, 'कंपनियां ऐसे लोगों की तलाश में हैं, जो क्वॉलिटी, फाइनैंशल प्लानिंग की अहमियत समझ सकें और खासतौर पर समय-सीमा का पालन सुनिश्चित कर सकें।

रिक्रूटमेंट फर्मो के मुताबिक, आने वाले साल में एंप्लॉयीज की डिमांड और सप्लाई में गैप के कारण सैलरी में (खासतौर पर टॉप लेवल पर) 25-30 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। ग्लोबल हंट के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील गोयल ने बताया, 'टॉप लेवल पर कुछ मामलों में सैलरी 3 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

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