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हाई कोर्ट ने दिए आदेश, डिग्री की अनिवार्यता परीक्षा तिथि तक मानी जाए

प्रधानाध्यापक भर्ती 2018 परीक्षा के मामले में उच्च न्यायालय ने पात्रता को लेकर कहा है कि बीएड डिग्री की अनिवार्यता आवेदन तिथि के बजाय परीक्षा तिथि के अनुसार मानी जाए।

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जयपुर

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Sunil Sharma

Feb 07, 2020

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Rajasthan High Court Junior Personal Assistant recruitment 2019

प्रधानाध्यापक भर्ती 2018 परीक्षा के मामले में उच्च न्यायालय ने पात्रता को लेकर कहा है कि बीएड डिग्री की अनिवार्यता आवेदन तिथि के बजाय परीक्षा तिथि के अनुसार मानी जाए। यह आदेश रामप्रसाद एवं अन्य की याचिका पर दिया। याचिकाकर्ता के पास पांच साल का अनुभव और बीएसटीसी का डिप्लोमा था। भर्ती परीक्षा से पहले उन्होंने बीएड की डिग्री भी ले ली। फिर भी उन्हें आरपीएससी ने प्रधानाध्यापक पद की नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर कर दिया।

याचिकाकर्ताओं के वकील विज्ञान शाह और आरपी सैनी ने कहा कि बीएड का रिजल्ट 21 अगस्त 2018 को आया जबकि प्रधानाध्यापक भर्ती परीक्षा का आयोजन दो सितंबर 2018 को हुआ। प्रधानाध्यापक के लिए राजस्थान शिक्षक सेवा नियम 1970 बने हुए हैं जिसके तहत अभ्यर्थी की शैक्षणिक योग्यता में बीएड या डिप्लोमा इन एजुकेशन के साथ पांच साल शैक्षणिक अनुभव रखा गया है।

याचिकाकर्ता के पास डिप्लोमा और अनुभव सम्बंधित योग्यता थी और परीक्षा से पहले डिग्री भी प्राप्त कर ली। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जा सकता है। आरपीएससी ने अपने जवाब में कहा कि आवेदन की तारीख तक याचिकाकर्ताओं के पास बीएड की डिग्री नहीं थी। ऐसे में वे आवेदन करने योग्य नहीं थे। न्यायाधीश पंकज भंडारी ने याचिकाकर्ताओं को प्रधानाध्यापक भर्ती 2018 की नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करने के आदेश