
Maharana Pratap University of Agriculture and Technology
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT) में वर्ष 2012-13 में हुई भर्ती घोटाले की जांच में प्रथमदृष्टया अनियमितता सामने आने पर एसीबी ने तत्कालीन कुलपति ओपी गिल सहित अन्य के विरुद्ध मामला दर्ज किया। एसीबी इंटेलिजेंस यूनिट प्रभारी राजीव जोशी ने बताया कि वर्ष-2012-13 में mpuat में असिस्टेंट प्रोफेसर व अन्य पदों पर भर्ती हुई थी। भर्ती में धांधली के संबंध में राजस्थान पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने पर इसकी जांच कर परिवाद दर्ज किया गया था। सीआई रोशनलाल सामरिया ने इस प्रकरण में जांच करते हुए भारी अनियमितता मानी।
इस रिपोर्ट के आधार पर एसीबी जयपुर मुख्यालय ने मामला दर्ज करने के आदेश दिए। गौरतलब है कि अनियमितता की शिकायत पर पूर्व में संभागीय आयुक्त के निर्देश पर गठित प्रोफेसरों की कमेटी ने नियुक्ति के संबंध में जांच की थी। इस कमेटी श्��े भी गड़बडि़यों के संबंध में सकारात्मक रिपोर्ट दी थी।
यह मानी गई गड़बडि़यां
असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती के दौरान स्कोर कार्ड बनाया गया था। इस कार्ड को नियमों के विपरीत कागजों में दिखाते हुए बोम की बैठक में पास होना बताया गया जबकि जांच में बोम सदस्यों के हस्ताक्षरयुक्त एेसा कोई स्कोर कार्ड ही नहीं मिला। इस स्कोर कार्ड में UGC के प्रावधानों के विपरीत अभ्यर्थियों के इंटरव्यू में नंबर बढ़ा-चढ़ाकर लिख दिए गए।
राज्य सरकार की ओर से स्वीकृत पद के अलावा रिजर्व पैनल (जिसने ज्वाइन नहीं किया) में सिर्फ एक अभ्यर्थी शामिल था। उसकी एवज में एक ही भर्ती की जानी थी, लेकिन नियम विरुद्ध पांच की भर्ती कर दी गई। बिना वित्त विभाग को सूचना दिए कई अभ्यर्थियों को प्लान से नॉन प्लान में स्थानांतरण की स्वीकृति दे दी गई। इससे राज्य सरकार को हानि पहुंची। इसके अलावा भर्ती में कई तरह की अनियमितता सामने आने पर विस्तृत रिपोर्ट बनाई गई।
Updated on:
05 Nov 2018 03:35 pm
Published on:
05 Nov 2018 03:35 pm
