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UPSC Success Story: यूट्यूब से की पढ़ाई, पहले प्रयास में तरुणी हुई सफल, डॉक्टर बनने का सपना टूट चुका था

तरुणी ने साल 2020 में यूट्यूब की मदद से यूपीएससी की तैयारी शुरू की। हालांकि, इस साल कोविड संक्रमण के कारण वो परीक्षा में बैठ नहीं पाई थीं। लेकिन साल 2021 में उन्होंने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा दी और सफलता हासिल की।
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जयपुर

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Shambhavi Shivani

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Updated: 22 Mar 2024, 10:57 AM IST

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Taruni Pandey

UPSC Success Story: आज के दौर में सोशल मीडिया हमारा सबसे बड़ा हथियार है। हालांकि, ज्यादातर लोग इसका दुरुपयोग करते हैं। लेकिन अगर सोशल मीडिया का सदुपयोग किया जाए तो आदमी जो चाहे वो हासिल कर सकता है। यूपीएससी (UPSC) और इस तरह की परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थी सोशल मीडिया और मोबाइल फोन से दूर रहने की सलाह देते हैं, क्योंकि इन चीजों से ध्यान भटकता है। लेकिन तरुणी पांडेय (IAS Taruni Pandey) के केस में ऐसा बिल्कुल नहीं है।


झारखंड की तरुणी पांडेय (IAS Taruni Pandey) ने यूट्यूब की मदद से कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिसकी कल्पना करना मुश्किल है। उन्होंने यूट्यूब से पढ़ाई की और अपने पहले प्रयास में यूपीएससी क्रैक किया। साथ ही 14वीं रैंक (Taruni Pandey Rank) हासिल किया।

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तरुणी मूल रूप से पश्चिम बंगाल की हैं। उनका जन्म चितरंजन में हुआ था। वहीं उनकी शुरुआती पढ़ाई झारखंड के जामताड़ा से हुई है। तरुणी बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थीं। लेकिन खराब सेहत के कारण उन्हें इस सपने को बीच में ही छोड़ना पड़ा और एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़कर उन्होंने इंग्नू से साहित्य विषय में बीए और एमए किया।

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तरुणी ने साल 2020 में यूट्यूब की मदद से यूपीएससी की तैयारी शुरू की। हालांकि, इस साल कोविड संक्रमण के कारण वो परीक्षा में बैठ नहीं पाई थीं। 2021 में उन्होंने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा दी और इसी साल उन्होंने एक के बाद एक सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के तीनों चरणों में सफलता हासिल की। तरुणी के पास ये उनका आखिरी चांस था क्योंकि वो ओवर एज थीं।


तरुणी की सक्सेसस स्टोरी (UPSC Success Story) से पता चलता है कि यदि हम ठान लें तो कोई भी चीज हमारी लिए नामुमकिन नहीं है। साथ ही आज की पीढ़ी को तरुणी जैसे लोगों से सीखना चाहिए कि कैसे हम सोशल मीडिया या इस तरह की किसी तकनीक का इस्तेमाल करके अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास कर सकते हैं।