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हर प्रोडक्ट पर 5 इनोवेशन, हर साल 5 हजार नए रोजगार पैदा करने से हमारा हैंडीक्राफ्ट विश्व में अव्वल

- पांच बड़े सेक्टर में काम करता है जोधपुर - महाराष्ट्र में फर्नीचर सेगमेंट जमाने में भी मदद करेगा अविनाश केवलिया

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जोधपुर से होता है हर साल 4500 करोड़ का एक्सपोर्ट।

जोधपुर. साढ़े चार हजार करोड़ को पार करने वाला हमारा हैंडीक्राफ्ट सेक्टर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से दो लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देता है। पूरे विश्व में अव्वल है, क्योंकि हर प्रोडक्ट पर साल में कम से पांच इनोवेशन करता है। हर साल करीब 50 नए एक्सपोर्टर जुड़ते हैं और पांच हजार नए रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं। अंतरराष्ट्रीय कारणों से कुछ मंदी जरूर है, लेकिन यह सेक्टर स्थाई रूप से लोगों को रोजगार देने का कारण बनेगा।

एक ही प्रोडक्ट पर पांच इनोवेशन

किसी एक्सपोर्टर ने यदि एक फर्नीचर प्रोडक्ट बनाया है, उसे एक साल में कम से चार से पांच बार इनोवेट किया जाता है। ईपीसीएच के साल में दो फेयर होते हैं और इसके अलावा कई इंटरनेशनल फेयर के लिहाज से भी इनोवेशन किए जाते हैं। हर एक्सपोर्ट में हर दो से तीन महीने में अपने शोरूम में बदलाव करना पड़ता है। इंटरनेशनल डिमांड के लिहाज से डिजाइन चेंज होती है।

यह है प्रमुख सेगमेंट

लकड़ी : करीब 70 प्रतिशत से ज्यादा एक्सपोर्ट इसी सेक्टर में होता है।

लेदर : जोधपुर का पारम्परिक लेदर का काम होता है और पिछले 10 साल में काफी बढ़ा है।

आयरन : इस सेगमेंट में भी हजारों करोड़ का एक्सपोर्ट होता है। यह कम खर्च वाला सेगमेंट है।

टैक्सटाइल : कई इनोवेशन के साथ यह सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है।

कांच व रेटिन : कुछ हिस्सा कांच व रेटिन उत्पाद के एक्सपोर्ट है इसको वुड के साथ ही मिक्स कर एक्सपोर्ट किया जाता है।

एक्सपर्ट पैनल में

जोधपुर में पिछले दो दशक में लगातार हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट सेक्टर बढ़ रहा है। हर साल नए एक्सपोर्टर जुड़ रहे हैं। कुछ मंदी जरूर देखने को मिल रही है, लेकिन जल्द ही इंटरनेशनल मार्केट से अच्छे समाचार मिलेंगे। नए रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। लेबर क्लास के अलावा तकनीकी कर्मचारियों की भी जरूरत रहती है। एक्सपोर्ट के साथ डोमेस्टिक मार्केट पर भी फोकस करना जरूरी है। इनोवेशन बहुत जरूरी है, यह प्रोडक्ट पर करना पड़ता है।

- वरिष्ठ हैंडीक्राफ्ट निर्यातक राधेश्याम रंगा, निर्मल भंडारी और प्रकाश सांखला

इनोवेशन पर ही पूरी गाड़ी चलती है। चाहे लकड़ी हो या लेदर या फिर आयरन सभी में नवाचार तो करना ही पड़ता है। इसीलिए वर्ल्ड में हमारा हैंडीक्राफ्ट सेक्टर अव्वल है।

- भरत दिनेश, अध्यक्ष, जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन