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ISAB का 90 प्रतिशत उत्पादन राजस्थान में , आवक का बम्पर रिकॉर्ड

- जीरे के साथ ईसब की बम्पर आवकन में- प्रोसेसिंग इकाइयां बढ़े तो व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

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जोधपुर

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Amit Dave

Apr 09, 2022

ISAB का 90 प्रतिशत उत्पादन राजस्थान में , आवक का बम्पर रिकॉर्ड

ISAB का 90 प्रतिशत उत्पादन राजस्थान में , आवक का बम्पर रिकॉर्ड

जोधपुर।

नए वित्तीय वर्ष में प्रदेश की सबसे बड़ी जीरा मंडी में प्रमुख मसाला फसल जीरा सहित अन्य कृषि जिंसों की आवक शुरू हो चुकी है। जीरे के साथ ही, ईसबगोल भी मंडी में आवक का रिकॉड बना रहा है। पिछले चार दिनों में अच्छी आवक के साथ ईसब 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल हो चुका है। ईसब का भाव 11900 से 13900 रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गया है। जीरा मंडी में ईसब की आवक धीरे-धीरे बढ़ रही है। देश में ईसबगोल उत्पादन राजस्थान का पहला स्थान है। जीरा मंडी व्यापारियों और किसानों की माने तो इस बार ईसब की आवक पिछले वर्ष की तुलना में अच्छी रहेगी। प्रदेश में ईसबगोल की खेती जालोर, जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी, पाली, नोखा आदि क्षेत्रों में होती है।

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प्रोसेसिंग इकाइयों को प्रोत्साहन की जरूरत
शहर में ईसबगोल प्रोसेस की तीन इकाइयां है। सरकार की ओर से प्रोत्साहन मिले , तो इकाइयों में वृद्धि होगी और व्यापार बढ़ेगा। प्रोसेस इकाई संचालक जगदीशप्रसाद सोनी ने बताया कि प्रोसेसिंग के दौरान सबसे पहले बीज की क्लिनींग की जाती है। बाद में, बीज का सोरटैक्स व ग्राइंडिंग की जाती है, जिससे भूसी निकलती है। भूसी की क्लिनींग के बाद पैकिंग व घरेलू मार्केट सहित विदेशों में निर्यात किया जता है।

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ईसबगोल के बारे में
- 200 करोड़ का निर्यात होता है हर साल
- 90 फीसदी उत्पादन होता है राजस्थान में
- 2 राज्य राजस्थान और गुजरात में ही होता है ईसबगोल
- 8 किलो प्रति हेक्टयर में होता है उत्पादन
- 10 रोगों में है फायदेमंद
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जीरे के साथ ही ईसब की अच्छी आवक है। किसान जीरे की तरह ही ईसब जीरा मंडी में लाने लगे है। इसकी वजह किसानों को उनकी उपज के पूरे भाव मिल रहे है। अभी नई फसल करीब एक-डेढ़ माह तक और आएगी।
पुरुषोत्तम मूंदड़ा, अध्यक्ष
जीरा मंडी व्यापार संघ
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वर्ष 2012 में जीरा मंडी बनने के बाद ईसब की आवक शुरू हुई है। पिछले सालों की तुलना में वर्ष दर वर्ष आवक बढ़ी है। इस बार नई फसल आने के बाद अच्छी आवक हो रही है।
सुरेन्द्रसिंह, सचिव
विजयाराजे सिंधिया कृषि उपज मंडी समिति
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