
रिश्वत लेने की आरोपी महिला ईसीजी टेक्निशियन व संविदाकर्मी।
जोधपुर.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जोधपुर की स्पेशल यूनिट ने मथुरादास माथुर अस्पताल में संविदाकर्मी की कागजों में अधिक हाजिरी लगाने के बाद बदले में 3600 रुपए रिश्वत लेने पर अस्पताल की महिला ईसीजी टेक्निशियन व एक संविदाकर्मी को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। इससे अस्पताल में हड़कम्पमच गया।
ब्यूरो के उप महानिरीक्षक हरेन्द्र कुमार महावर ने बताया कि परिवादी की शिकायत पर गोपनीय सत्यापन करवाया गया। जिसमें एमडीएम अस्पताल की ईसीजी टेक्निशियन वैशाली शर्मा के 36 सौ रुपए रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। उसने रिश्वत राशि एक अन्य संविदा कर्मचारी पीयूष शर्मा को देने के निर्देश दिए। पीड़ित संविदाकर्मी शुक्रवार अपराह्न अस्पताल में मल्टीलेवलआइसीयू बिल्डिंग में ईसीजी कक्ष में पहुंचा, जहां उसने संविदा कर्मचारी पीयूष को 3600 रुपए दिए। जो उसने लेकर वैशाली को दे दिए। उसने राशि अपने लेडीज पर्स में रखी। तभी इशारा मिलते ही उपाधीक्षकगोरधनराम के नेतृत्व में ब्यूरो ने दबिश दी और ईसीजी टेक्निशियन एयरफोर्स कॉलोनी निवासी वैशाली पुत्री भानुमित्र शर्मा व संविदा कर्मचारी चौहाबो निवासी पीयूष पुत्र नरेन्द्र शर्मा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वैशाली के लेडीज पर्स से रिश्वत राशि बरामद कर ली गई।
उपाधीक्षक गोरधनराम ने बताया कि शिकायतकर्ता भी अस्पताल में संविदा कर्मचारी है, जो मरीजों की ईसीजी जांच करता है। अस्पताल में छह घंटे की ड्यूटी करने पर एक दिन की हाजिरी लगती है। प्रतिदिन के तीन सौ रुपए मिलते हैं। उसने वास्तविकता में 27 दिन की ड्यूटी की थी। जबकि ईसीजी टैक्निशियन ने उसकी 40 दिन की हाजिरी लगाकर संविदा कम्पनी को भेजी थी। कागजों में अधिक लगाई हाजिरी में से 12 दिन के हिसाब से उसने 36 सौ रुपए बतौर रिश्वत मांगे। जिसकी शिकायत पीडि़त संविदाकर्मी ने 26 जून को एसीबी से की थी। गोपनीय सत्यापन करवाया गया तो ईसीजी टैक्निशियन वैशाली के रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई थी। उसने रिश्वत राशि एक अन्य संविदाकर्मी पीयूष को दिलवाई।
Published on:
29 Jun 2024 12:15 am

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