राजस्थान हाईकोर्ट ने दहेज प्रताड़ना तथा पत्नी को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के मामले में एक याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने दहेज प्रताड़ना तथा पत्नी को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के मामले में एक याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
न्यायाधीश कुलदीप माथुर की एकल पीठ में याचिकाकर्ता पुरषोत्तम राठी की ओर से अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दायर किया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वह निर्दोष है और उसे फंसाया जा रहा है। प्रकरण घटना के एक वर्ष और दो माह बाद दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता एस.के. दाधीच ने ने कहा कि परिवादी की पुत्री रचना सोनी से आरोपी ने वर्ष 2020 में दूसरा विवाह किया था। विवाह के बाद कम दहेज लाने के लिए उसे प्रताड़ित एवं परेशान किया गया। बाद में उन्हें फोन पर बताया गया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है। जब वे अपने परिवार के साथ जोधपुर आए तो उनको डराया धमकाया गया और कुछ खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। आरोपी ने उनकी बेटी के खाते से गलत तथ्य देकर पैसे भी निकाल लिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अग्रिम जमानत पत्र खारिज कर दिया।