
जोधपुर। जोधपुर के जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे एबीवीपी के मूलसिंह के समर्थन में राजपूत समाज की आक्रोश रैली ओल्ड कैम्पस से कुलपति के मेन ऑफिस तक पहुंची।
इस दौरान पुलिस व यातयात का विशेष इंतजाम किया गया था। यूनिवर्सिटी पहुंचने पर शेरगढ़ विधायक बाबूसिंह राठौड़ और मूलसिंह ने कुलपति से वार्ता की। वार्ता गरमा गरम हो गई और कुलपति कार्यालय में जोरदार नोंकझोंक हुई। विधायक बाबूसिंह ने कहा कि जब तक फैसला नहीं होगा तो कमरा छोड़ने वाले नहीं है। सभी ने कुलपति के इस्तीफे की मांग की।
विधायक ने कहा कि हम जेल जाने से डरने वाले नहीं हैं। इस बात पर कुलपति को गुस्सा आ गया और कहा कि मुझे भी समय चाहिए। अगर ऐसा ही रहा तो मैं फैसला नहीं करने वाला हूं।
इससे पहले छात्र संघ चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए राजपूत समाज ने आक्रोश रैली निकाली, जिसमें करीब 1500 लोग एकत्रित हुए। इनमें काफी तादाद में युवा विद्यार्थी भी शामिल रहे। इस दौरान समाजजन और विद्यार्थी बहुत गुस्से में नजर आ रहे थे। वे जोर-जोर से नारे लगा रहे थे।
आक्रोशित विद्यार्थियों की भीड़ के कारण सड़क पर यातयात भी बाधित हुआ। यूनिवर्सिटी के ओल्ड कैम्पस के बाहर रैली में खासी तादाद में एकत्रित युवाओं के आक्रोश को देखते हुए पुलिस के आला अफसरों ने भी मौके पर पहुंच कर हालात पर नजर रखी।
बता दें कि पूरे प्रदेश में छात्र संघ चुनाव पहले हुए थे और जोधपुर में छात्र संघ चुनाव 10 सितंबर 2018 को हुए थे। जोधपुर के जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई के सुनील चौधरी अध्यक्ष चुने गए थे। सेतरावा ने पहले इस सिलसिले में कोर्ट में जाने की बात कही। खारिज मत उनकी आपत्ति का आधार रहे।
चौधरी ने निर्वाचन अधिकारी को गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए मूलसिंह का नामांकन खारिज करने की मांग उठाई थी। इस सम्बंध में यूनिवर्सिटी की ओर से गठित की गई ग्रिवेंस रिड्रेसल कमेटी की जांच रिपोर्ट में मूलसिंह का नामांकन रद्द करने की सिफारिश की गई थी।
Published on:
03 Oct 2018 05:19 pm
