
COACHES---वनवास खत्म: 31 साल बाद प्रदेश के विश्विद्यालयों-कॉलेजों को मिलेंगे नए कोच
जोधपुर।
प्रदेश के युवा बेरोजगारों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में कोचों की कमी का वनवास खत्म होगा। करीब 31 वर्षों बाद विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में विद्यार्थियों को नए कोच मिलेंगे।
प्रशिक्षकों/व्याख्याताओं की नियुक्ति के नियमों में संशोधन नहीं होने के कारण वर्ष 1992 से ये भर्तियां अटकी हुई थी। अब राज्य सरकार ने नियमों में संशोधन कर विवि-कॉलेजों में शारीरिक शिक्षकों कैडर बना दिया है, जिससे कोचों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया खुल गई है। सरकार की ओर से अब जल्द ही करीब 250 प्रशिक्षक पदों पर भर्ती निकाली जाएगी। वहीं, विवि-कॉलेजों में वर्ष 1992 के बाद पहली बार कोच मिलेंगे। साथ ही, जिन विवि-कॉलेजों में स्वास्थ्य व शारीरिक शिक्षा विषय चल रहा है, वहां पर विद्यार्थियों को प्रशिक्षक/व्याख्याता मिल जाएंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की कॉलेजों में स्वीकृत 272 में से 250 पद खाली है।
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खिलाडि़यों के साथ जा सकेंगे प्रशिक्षण
कोचों के नहीं होने के कारण अंतर महाविद्यालय, अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में भाग लेने जाने वाली टीमों के संबंधित खेलों के प्रशिक्षकों की जगह बाबू व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को जाना पड़ता है। जेएनवीयू स्पोर्ट्स बोर्ड के डायरेक्टर प्रो बीएल दायमा ने बताया कि अब आगामी खेलकूद प्रतियोगिताओं में खिलाडि़यों के साथ प्रशिक्षक जा सकेंगे। वहीं राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष हापूराम चौधरी का कहना है कि बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा व कोचों की कमी दूर होगी।
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जेएनवीयू में कोच नहीं
पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े विश्वविद्यालय जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स बोर्ड में शिक्षक-प्रशिक्षकों के पद रिक्त है। स्पोर्ट्स बोर्ड मात्र 2 डायरेक्टर के भरोसे है। यहां एमपीएड अंशकालीन शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। वहीं, जेएनवीयू के अधीन कॉलेजों में प्रशिक्षकों की संख्या भी नगण्य है।
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Published on:
31 May 2023 08:30 pm
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