जोधपुर।
उम्र 17 साल और पेशे से बीए का छात्र। जो पिछले छह-सात माह में करीब पांच लाख रुपए के 25 अवैध पिस्तौल व देसी कट्टे बेच चुका है। अनुमान के तौर वह मध्यप्रदेश से 20-25 हजार रुपए में एक पिस्तौल खरीदकर लाता है और जोधपुर व मारवाड़ में 30 से 35 हजार रुपए में बेचता है।विवेक विहार थाना पुलिस ने पिछले दो माह में 13 अवैध हथियार जब्त किए हैं। जो नाबालिग छात्र ने ही सप्लाई किए थे। इतना ही नहीं, वह पाली जिले के कोतवाली थाने में दो हथियार सप्लाई करने के मामले में वांटेड है। अन्य हथियारों के संबंध में जांच की जा रही है।
…मुनाफा हुआ तो शुरू की तस्करी
थानाधिकारी दिलीप खदाव का कहना है कि 17 वर्षीय नाबालिग पिछले छह-सात माह से हथियार खरीद-फरोख्त में लिप्त है। सात माह पहले वह पहली बार एमपी से दो हथियार खरीदकर लाया था और जोधपुर में बेच दिए थे। मुनाफा होने पर उसका लालच बढ़ गया। वह एमपी जाकर हथियार खरीदकर लाने लग गया और यहां बेचने लगा। वह बीए की पढ़ाई भी कर रहा है।
एक साथ छह हथियार लेकर आया
लालच में फंसकर नाबालिग अपराध की दलदल में फंस गया। विवेक विहार थाना पुलिस ने गत 26 फरवरी को रमेश व रवि भादू को गिरफ्तार कर पांच हथियार जब्त किए थे। इन दोनों को यह हथियार नाबालिग ने ही बेचे थे। तब वह फरार हो गया था। अब वह छह और हथियार एमपी से खरीदकर लाया था। कांस्टेबल राजूराम व पप्पूराम की सूचना पर एएसआइ मदनलाल व अन्य ने तलाश कर उसे पकड़ लिया था। वह बदमाशाें से पिस्तौलों का पहले सौदा करता है और फिर डिमाण्ड के हिसाब से खरीदकर लाता है।
छह पिस्तौल व मैग्जीन व 9 कारतूस संग पकड़ा
विवेक विहार थाना पुलिस ने केबीएचबी व विवेक विहार क्षेत्र में शुक्रवार को करड़ा (जालोर) थानान्तर्गत सेडि़या निवासी 17 वर्ष के छात्र को पकड़ा था। उससे छह पिस्तौल, छह मैग्जीन व नौ जिंदा कारतूस जब्त किए गए थे। उससे पूछताछ के बाद पाली के मांडावास गांव निवासी अशोक बिश्नोई व चाखू थानान्तर्गत ढाढरवाला निवासी दाउदान उर्फ दाउद को गिरफ्तार किया था। अशोक से एक पिस्तौल, एक मैग्जीन व दो कारतूस और दाउदान से एक पिस्तौल व एक मैग्जीन जब्त की गई थी।
नाबालिग को किशोर गृह भेजा, दो खरीदार रिमांड पर
विवेक विहार थाना पुलिस ने नाबालिग छात्र को किशोर न्यायालय में पेश कर बाल सुधार गृह भिजवाया। वहीं, अशोक बिश्नोई व दाउदान को कोर्ट में पेश कर चार-चार दिन रिमाण्ड पर लिया गया है।
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आइपीएस अधिकारी व डीसीपी पश्चिम गौरव यादव का कहना है…नाबालिगों के कानून का उल्लंघन व अपराध करना गंभीर है। किशोरवय में भ्रमित होकर अपराध की दुनिया में कदम बढ़ते हैं।ऐसे हालात से बच्चों को बचाने में परिजन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें बच्चों पर पूरी तरह नजर रखनी चाहिए। सामाजिक बदलाव भी आ गया है। पहले आस-पड़ोसी गलत नजर आते ही टोकते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है।सोशल मीडिया का जमाना है। मोबाइल का उपयोग बढ़ गया है। बच्चे मोबाइल में क्या-क्या देखते हैं? कहीं गलत दिशा में तो नहीं जा रहे हैं? बच्चों के पास कहां से रुपए आ रहे हैं? वो पार्टियां तो नहीं कर रहे हैं? उनके दोस्त कौन-कौन हैं? कैसे हैं? इन सबका ध्यान रखना बहुत जरूरी हो गया है।