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VIDEO : संविदा पर नौकरी व दस लाख रुपए मुआवजे पर सहमति

- प्रसूता की टैंकर से मौत और पति सहित तीन के घायल होने का मामला- पुलिस ने कार्रवाई के बाद शव परिजन को सौंपा

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संविदा पर नौकरी व दस लाख रुपए मुआवजे पर सहमति

संविदा पर नौकरी व दस लाख रुपए मुआवजे पर सहमति

जोधपुर।
सूरसागर थानान्तर्गत चोपड़ से जैसलमेर रोड पर टैंकर की चपेट से बेटी को जन्म देकर जान गंवाने वाली महिला के मामले में वार्ता के बाद शनिवार को विभिन्न मांगों पर सहमति बनीं। तब जाकर शव परिजन को सौंपा गया।
पुलिस ने बताया कि हादसे में कागा क्षेत्र में सुनारों की बगेची के पास निवासी निशा (25) पत्नी कैलाश मेघवाल की मौत हो गई थी। पति, पुत्र मयंक और भांजी लक्षिता घायल हो गए थे। पति को सरकारी नौकरी व 50 लाख रुपए आर्थिक मुआवजे की मांग को लेकर परिजन व समाज के लोग महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए थे।
महापौर कुंती देवड़ा और राजस्थान राज्य पशुधन आयोग के अध्यक्ष व कांग्रेस नेता राजेन्द्रसिंह सोलंकी, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजन व समाज के लोगों से वार्ता की। तत्पश्चात एक परिजन को संविदा पर नौकरी, चिरंजीवी बीमा योजना के तहत मृतक के आश्रित को दस लाख रुपए, पुत्री के छह साल की होने पर चार लाख रुपए मासिक, घायलों को आर्थिक सहायता, परिवार का बीपीएल कार्ड बनवाने और दुर्घटना करने वाले वाहन से सरकारी के सहयोग से और आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिलाया गया। तब कहीं जाकर परिजन मानें और अग्रिम कार्रवाई शुरू की गई।
गौरतलब है कि गत गुरुवार दोपहर 5वीं रोड पर लाला लाजपतराय कॉलोनी में पीहर में राखी बांधने के बाद निशा अपने पति, बेटे भांजी के साथ केरू में धर्म भाई के घर राखी बांधने जा रही थी। सूरसागर में चोपड़ से जैसलमेर रोड की तरफ पहुंची तो सामने से आए टैंकर ने बाइक को चपेट में ले लिया था। नीचे गिरने पर टैँकर ने निशा को कुचल दिया था। उसने सड़क पर ही पुत्री को जन्म दे दिया था। फिर उसकी मौत हो गई थी।