
National Youth Day Special- उठो, जागो... लक्ष्य बनाओ और उनकी प्राप्ति तक मत रुको...
जोधपुर। उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको...। स्वामी विवेकानन्द का यह ध्येय वाक्य हम कई वर्षों से सुनते आ रहे हैं। कई लोगों ने इसका अनुसरण भी किया है। इसी राह पर कुछ युवा चलते हुए लक्ष्य बना भी रहे हैं और लक्ष्य को प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त भी कर रहे हैं। शहर, समाज और किस क्षेत्र का क्या विजन होना चाहिए, उसकी प्राप्ति कैसे हो यह भी युवाओं ने ही तय किया है। एेसे ही 12 विजन 12 युवाओं की जुबानी।
राष्ट्रीय युवा दिवस विशेष-
१. विजन - रक्तदान पेशे से न जोड़ा जाए। रक्त की कमी से किसी की मृत्यु न हो, इसके लिए सभी रक्त बैंक में पारदर्शिता होनी चाहिए। स्वैच्छिक रक्तदाताओं का एक सरकारी या निजी स्तर पर पोर्टल बने जिस पर रक्त की उपलब्धता व रक्तदान करने वाले की उपलब्धता आनी चाहिए।
रजत गौड़ (जुनूनी रक्तदाता व अध्यक्ष लाल बूंद सेवा संस्था)
२. विजन - ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं को बराबर का दर्जा मिलना चाहिए। उनके स्वास्थ्य, उनकी पढ़ाई, उनके स्वरोजगार और उनकी स्किल को शहरी महिलाओं के बराबर लाना होगा। तभी विकास के कदम हर क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे। यह कार्य थोड़ी जागरूकता व थोड़ा सरकारी मदद से संभव है। हमारी अन्नदाता चेरिटेबल संस्था इस पर कार्य कर रही है।
धनंजय सिंह खींवसर (अध्यक्ष अन्नदाता चेरिटेबल ट्रस्ट)
३. विजन - राजस्थान भामाशाहों की धरा है। जरूरतमंदों की एक आवाज पर मदद करने वाले खड़े हो जाते हैं। कुछ एेसा सिस्टम खड़ा हो कि दान के साथ जरूरतमंदों को पैरों पर भी खड़ा किया जा सके। हर कोई जरूरत पडऩे पर दूसरे ही ओर न देखे और खुद ही सक्षम बने। सबकुछ सरकार पर निर्भर नहीं है। कुछ हम जोधपुरवासी युवा भी हाथ बढ़ाएं।
वरूण धनाडिया (अध्यक्ष, उड़ान फाउंडेशन)
४. विजन - हमें युवाओं की ऊर्जा का पूरा उपयोग करने के लिए उन्हें सही दिशा में बढऩे के लिए प्रेरित करना होगा। हमारे देश में युवा काफी जागरुक हो गए हैं। कोरोना से निपटने, बॉर्डर पर पड़ौसी देशों के साथ नोंक झोंक और आतंकवादी घटनाओं में भी युवाओं ने अपनी सकारात्मक उपस्थिति दर्ज कराई है जो इस बात का संकेत है कि देश सुरक्षित हाथों में है।
भास्कर विश्नोई (आरएएस)
५. विजन- सोशल मीडिया के कारण कई युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा नकारात्मकता में बदल रही है। एकाकीपन बढऩे के साथ तनाव के मामले बढ़ रहे हैं। हमें युवाओं को इससे बाहर निकालकर अपने अतीत की गौरवशाली परम्पराओं और संस्कृति का भी अहसास करना होगा। हमारी स्थापित परंपराओं और आधुनिक बदलावों में सामंजस्य स्थापित करना जरूरी है।
शुभम गुलेच्छा (पेट्रोल पंप व्यवसायी)
६. विजन- भारत के युवाओं में काम करने की बहुत अधिक क्षमता है। जोधपुर का हैण्डीक्राफ्ट सेक्टर पूरे विश्व में अपनी एक अलग पहचान रखता है। सरकारों को इसे बढ़ावा देने की नीतियां बनानी चाहिए, ताकि चीन व अन्य देशों की वजह से वर्तमान में वैश्विक मांग भारत के युवा उद्यमी पूर्ण कर सके। विपुल रोजगार व राजस्व की संभावनाएं हैं।
अनूप गर्ग(हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर)
७. विजन - स्पोट्र्स के माध्यम से भी आप अपने देश का नाम रोशन कर सकते हैं। अब पश्चिमी राजस्थान में स्पोट्र्स कल्चर आया है। खासकर जोधपुर में बहुत सारी स्पोर्ट्स एकेडमी खुल रही है। केवल क्रिकेट ही नहीं अन्य सभी गेम्स में हिस्सा लेकर शहर व देश का नाम रोशन करना है। किसी खेल में जीतने पर आप लाखों लोगों के रोल मॉडल बनते हैं।
रवि बिश्नोई (क्रिकेट प्लेयर)
८. विजन - एग्रो टूरिज्म में अपार संभावनाएं हैं। अभी हमारे पश्चिमी राजस्थान में इस पर काम नहीं किया गया है। भविष्य में पूरे देश में नर्सरी के क्षेत्र में बहुत बड़ा कार्य करने की सोच है। जोधपुर वैसे भी पर्यटन के क्षेत्र में काफी आगे है। एेसे में यदि एग्रो टूरिज्म में भी आगे बढ़े तो काफी फायदा हो सकता है। हरियाली से युवाओं को प्रेम करना सीखना होगा।
ललित देवड़ा ( नर्सरी संचालक व सर्वाधिक ग्रीन हाउस में सब्जी उत्पादन का रिकॉर्ड)
९. विजन - पश्चिमी राजस्थान में जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा मिलना चाहिए। गोचर, ओरण, पड़त, वन भूमि, कृषि भूमि आदि की जानकारी युवाओं को होनी चाहिए। साथ ही स्थानीय (देसी) प्रजाति के पौधों खेजड़ी, जाल, कुमटिया , रोहिड़ा, केर, बेर, कंकेडी की समझ भी आने वाली पीढ़ी को होनी जरूरी है। जड़ों से जुड़ाव जरूरी है।
रामनिवास बुधनगर (वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण)
१०. विजन- ‘लर्न एंड अर्न’ की पद्धति अपनाई जाए। नौकरी के पीछे भागने से अच्छा है खुद अवसर पैदा करे। ये भी जरूरी हैं कि बिजनेस में उतरने से पहले कार्य सीखें और फिर कदम रखें। ताकि वित्तीय हानि न हो। मेरा मानना हैं कि इससे अपनेआप बेरोजगारी दूर होगी। समाज में रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे।
संजय गज्जा (डिजीटल मार्केटिंग व मेडिकल रिप्रजेंटेटिव ट्रेनर)
११. विजन - देश में युवाओं का भविष्य काफी उज्जवल है। कोविड-१९ महामारी में टीका लगाने में युवाआें ने बढ़ चढक़र हिस्सा लिया। पिछले कुछ समय से देशभक्ति के आयोजनों में भी युवाशक्ति आगे आ रही है। हमें आने वाले समय में इस युवा शक्ति की सोच और जोश को कायम रखना होगा ताकि देश के साथ भारतीय समाज भी प्रगति की राह पर अग्रसर रहेगा।
नीतू राठौड़ (ट्रेनी आरपीएस)
१२. विजन - आज की युवा पीढ़ी की समस्त गतिविधियां सोशल मीडिया तक ही सीमित हो गई है। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करते हुए आज के युवाओं को मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर अधिकाधिक साहित्य पढऩा चाहिए। बढ़ती बेरोजगारी के चलते सरकारों को रोजगार के बहुआयामी विकल्पों को तलाशना होगा।
उमाशंकर सियोल (शिक्षक)
Published on:
12 Jan 2022 01:38 pm
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