
जोधपुर.
उदयपुर और बीकानेर सैन्य छावनी में सेना के जवानों को तस्करों के मार्फत अफीम की आपूर्ति का मामला सामने आने के बाद सेना ने इस प्रकरण की वृहद् स्तर पर जांच शुरू कर दी है। मामले में फौजियों के मोबाइल की डिटेल खंगाली जा रही है। कुछ जवानों के मोबाइल भी जब्त किए गए हैं। इसमें करीब 40 जवानों के प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने और पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ की साजिश होने का अंदेशा है।
सेना के उच्चाधिकारियों ने मंगलवार को कुछ यूनिट्स के कमाण्डिंग ऑफिसर्स को संदिग्ध जवानों की जांच और उनके सिविलयन से सम्पर्क का पता लगाने के निर्देश दिए। उदयपुर व बीकानेर छावनी में कई जवानों से सघन पूछताछ भी की गई। जवानों के मोबाइल में सोशल मीडिया सम्पर्क जांचे जा रहे हैं। सैन्य छावनियों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट देने और मोबाइल डिटेल के आधार पर सेना अन्य सूत्रों की खोजबीन में लगी है।
सैन्य सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही कुछ अन्य लोगों की गिरफ्तारी संभव है। मामले में स्थानीय पुलिस अधिकारियों की भी सहायता ली जा रही है। गौरतलब है कि आर्मी इंटेलीजेंस (सदर्न कमाण्ड लाइजन यूनिट) जोधपुर के अधिकारियों ने गुप्त सूचनाओं के आधार पर उदयपुर छावनी के बाहर दो तस्करों को पकड़ा था। इंटेलीजेंस ने डेकॉय का इस्तेमाल कर तस्करों द्वारा छावनी में अफीम की आपूर्ति का भण्डाफोड़ किया। तस्करों से अफीम की 5 डब्बियां मिली। दोनों तस्करों ने उदयपुर व बीकानेर पर फौजियों को अफीम तस्करी की बात स्वीकार की। इसके बाद उन्हें उदयपुर की सूरजपोल थाना पुलिस को सौंप दिया गया। तस्करों की निशानदेही पर छावनी के अन्य फौजियों से पूछताछ के साथ वहां तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
Published on:
16 Oct 2018 09:30 pm
