
यौन शोषण के मामले में सजा काट रहे आसाराम को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। आज आसाराम की अंतरिम जमानत के मामले में सुनवाई हुई। जिसके बाद कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत एक जुलाई तक बढ़ा दी है। हाईकोर्ट ने आसाराम को सुप्रीम कोर्ट की ओर से पूर्व में जारी शर्तों का पालन करने के लिए कहा है। जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार की खंडपीठ में सोमवार को सुनवाई हुई।
आसाराम के वकील निशांत बोड़ा ने बताया कि मामले में 2 अप्रैल को सुनवाई हुई थी। पीड़िता के वकील पीसी सोलंकी ने आसाराम पर सुप्रीम कोर्ट की प्रवचन नहीं करने की शर्त का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने आसाराम से शपथ पत्र पेश करने को कहा था।
निशांत बोड़ा ने बताया कि कोर्ट में आज शपथ पत्र पेश किया। कोर्ट ने सवाल किया कि आसाराम ने अंतरिम जमानत मिलने के बाद प्रवचन किए या नहीं? वहीं पीड़ित की ओर से भी एफिडेविट मांगा गया। पीड़ित पक्ष के वकील पीसी सोलंकी ने बताया कि आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई अंतरिम जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। उन्होंने शर्त का उल्लंघन करने से संबंधित तथ्य रखे। आसाराम 14 जनवरी से 31 मार्च तक अंतरिम जमानत पर था। ये पीरियड खत्म होने पर 1 अप्रैल को आसाराम ने सरेंडर कर दिया था। उसी रात वह प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हो गया था और अभी भी वहीं पर भर्ती है।
Updated on:
07 Apr 2025 04:30 pm
Published on:
07 Apr 2025 04:30 pm
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