
Asaram's friend Shilpi
जोधपुर. अपने ही गुरुकुल की नाबालिग से यौन दुराचार के आरोप में उम्रकैद की सजा भुगत रहे आसाराम की सहयोगी के रूप में सजा काट रही शिल्पी उर्फ संचिता की ओर से पेश की गई सजा स्थगन की याचिका पर सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में सुनवाई फिर से टल गई।
अपने ही गुरुकुल की नाबालिग से यौन दुराचार के आरोप में उम्रकैद की सजा भुगत रहे आसाराम की सहयोगी के रूप में सजा काट रही शिल्पी उर्फ संचिता की ओर से पेश की गई सजा स्थगन की याचिका पर सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में सुनवाई टल गई। आसाराम के साथ सजा काट रही शिल्पी उर्फ संचिता के द्वारा हाईकोर्ट में लगाई गई सजा स्थगन की याचिका पर सोमवार को सुनवाई ८ अगस्त तक के लिए टल गई। शिल्पी के अधिवक्ता महेश बोड़ा इस मामले में पैरवी कर रहे हैं। इस मामले में गत सोमवार को भी सुनवाई तय थी और सुनवाई टल गई थी। तब यह मामला राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पुष्पेंद्रसिंह भाटी की अदालत संख्या 5, में वाद सूची में 50 वे नम्बर पर सूचीबद्ध था। उल्लेखनीय है कि एससीएसटी कोर्ट के न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने 25 अप्रेल 2018 को जोधपुर के मणेई आश्रम में नाबालिग से यौन दुराचार केस की जोधपुर सेंट्रल जेल में सुनवाई के दौरान आरोपी आसाराम की सहयोगी के आरोप सिद्ध होने के आधार पर शिल्पी को 20 वर्ष की सजा सुनाई थी।
कोई एक आरोप नहीं
अदालत से दोषी करार दिए गए आसाराम के खिलाफ कोई एक आरोप नहीं हैं। उसके खिलाफ बहुत से गंभीर आरोप हैं। देश भर में लगे ये आरोप पुलिस जांच और न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट से भी सिद्ध हुए हैं। आसाराम की इंदौर में गिरफ्तारी के बाद पुलिस के लिए गुजरात सरकार की ओर से तैयार की गई जस्टिस त्रिवेदी जांच आयोग की रिपोर्ट आपराधिक रिकॉर्ड तैयार करने में मददगार बनी है। यह रिपोर्ट चालान पेश करते समय जोधपुर की अदालत में भी पेश की गई थी।
Published on:
06 Aug 2018 07:35 pm
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