
जोधपुर। पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot सोमवार को सरदारपुरा से नामांकन दाखिल करने के बाद (Rajasthan Election 2018) प्रधान चुनाव कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर सभा में भावुक और दार्शनिक अंदाज में रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि वे जब पहली बार विधायक का चुनाव हारे थे, तब उन्होंने नींबा-निंबड़ी में जाकर कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देने के लिए गोठ की। बोले-मैंने कहा था कि हार गया हूं कोई बात नहीं, मैं आपके सुख-दुख का सदैव भागीदार बनता रहूंगा। फिर पहली बार सांसद का चुनाव जीतने पर घंटाघर में भाषण दिया था और कहा था कि आप सभी के बीच में आता-जाता रहूंगा। मैं देश की संसद में जा रहा हंू, मेरे कारण जोधपुरवासियों को नीचा देखना पड़े तो आप मेरे कान पकड़ लेना।
- भावनात्मक : आपके आशीर्वाद से आगे बढऩे के बहुत अवसर मिले। केन्द्रीय मंत्री व दो बार मुख्यमंत्री रहा। राजनीति में कोई ‘गॉड फादर’ नहीं था। मैंने कभी कोई काम कलम या बोल कर ऐसा नहीं किया जिससे आपको नीचा देखना पड़े।
- विकास : तब जोधपुर में मणाई व मथानिया से पानी लाया जाता था। केवल दो टे्रन आगरा फोर्ट व दिल्ली मेल चलती थी। ऐसे रूप में जोधपुर की शुरुआत हुई थी और अब देखिए...।
- गांधी परिवार : मैं इंदिरा गांधी, राजीव गांधी के साथ काम कर चुका हूं। अब राहुल गांधी के साथ काम कर रहा हूं। राहुल गांधी की गरीबों व देश के लिए सोच है। मेरा सौभाग्य है कि उनके साथ काम करने का मौका मिल रहा है।
- सरकार : मैं जब भी मुख्यमंत्री बना, पिछली सरकार के एक भी काम बंद नहीं किए, लेकिन सीएम वसुंधरा ने कांग्रेस सरकार के सारे काम बंद
कर दिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सीलन बोले-दुबारा बनें सीएम
पूर्व केन्द्रीय मंत्री जेडी सीलन ने कहा कि उन्हें साउथ में भी सभी कह रहे हंै कि एक बार फिर से गहलोत को शपथ दिलवाकर मुख्यमंत्री बनाया जाए और राहुल गांधी को राजस्थान जीत का तोहफा दिया जाए। उन्होंने राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा व गहलोत के कार्यकाल की तुलना करने के लिए कहा। पूर्व केन्द्रीय मंत्री विलास मूतेमवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आजकल राहुल गांधी का नाम नहीं लेते। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की बोलती बंद कर दी है। गहलोत ने सुबह महामंदिर स्थित अपने पैतृक मकान पर माता-पिता को पुष्पांजलि अर्पित की।
Published on:
20 Nov 2018 09:38 am
