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रेगिस्तानी टिड्डी को रोकने के लिए एशियाई देशों ने झौंकी ताकत, ये सहायताएं ले रहा है भारत

पाकिस्तान का 40 प्रतिशत हिस्सा टिड्डी का ब्रीडिंग पॉइंट बन गया है। जिसमें आधार ब्लूचिस्तान प्रांत शामिल है। ब्लूचिस्तान में ईरान से टिड्डी प्रवेश करती है। पाक सरकार ने प्रवेश द्वार पर 12 हवाई जहाज लगाने का निर्णय लिया है जो टिड्डी के प्रवेश करते ही उसे पर पेस्टीसाइड की बौछार करेंगे।

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asian countries are taking measures together to stop locust outbreak

रेगिस्तानी टिड्डी को रोकने के लिए एशियाई देशों ने झौंकी ताकत, ये सहायताएं ले रहा है भारत

गजेन्द्र सिंह दहिया/जोधपुर. अफ्रीका व खाड़ी देशों के बाद टिड्डी हमले का पर्याय बन चुके एशिया के तीनों देशों भारत, पाकिस्तान और ईरान ने इस साल टिड्डी से निपटने के लिए पूरी ताकत झौंकने की तैयारी कर ली है। भारत ने ब्रिटेन से 60 माउंटेड स्प्रयेर मंगाए हैं। इसमें से 30 माइक्रोनियर औैर 30 अलवा मास्ट है। यह 15 जून तक प्राप्त हो जाएंगे।

ब्रिटेन की कम्पनी माइक्रोन से हेलीकॉप्टर माउंटेड स्प्रेयर भी खरीदा जा रहा है। इसके अलावा भारत में ही अन्य कम्पनियों को ड्रोन की सर्विस देने के लिए टैंडर किया गया है। कम दर पर ड्रोन उपलब्ध कराने वाली कम्पनियों को ठेका दे दिया जाएगा। ये ड्रोन पेस्टीसाइड स्प्रे के साथ टिड्डी की रियल टाइम लोकेशन भी लेंगे।

पाकिस्तान का 40 प्रतिशत हिस्सा टिड्डी का ब्रीडिंग पॉइंट बन गया है। जिसमें आधार ब्लूचिस्तान प्रांत शामिल है। ब्लूचिस्तान में ईरान से टिड्डी प्रवेश करती है। पाक सरकार ने प्रवेश द्वार पर 12 हवाई जहाज लगाने का निर्णय लिया है जो टिड्डी के प्रवेश करते ही उसे पर पेस्टीसाइड की बौछार करेंगे। वर्तमान में पाक 1 हवाईजहाज और 3 हेलीकॉप्टर की मदद से ब्लूचिस्तान के साथ सिंध में टिड्डी के खिलाफ ऑपरेशन कर रहा है।

ईरान के दक्षिणी भाग में भयंकर टिड्डी है जो अन्य खाड़ी देशों व अफ्रीका से यहां आ रही है। ईरानी सरकार यहां मिलिट्री लगाने पर विचार कर रही है। पिछले साल सेना ने गाडिय़ां सहित अन्य उपकरण दिए थे। ईरान अब तक 2 लाख हेक्टेयर में टिड्डी मार चुका है।

केवल 50 स्प्रेयर, 60 आने से बढ़ेगी क्षमता
भारत का टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) को मुख्यालय जोधपुर में है। इसके पास वर्तमान में 22 माइक्रोनीयर और 28 अलवा मास्ट है। ब्रिटेन से 60 मशीनें और आ जाने से इसकी क्षमता दुगुनी से अधिक हो जाएगी। माइक्रोनीयर मशीन में खुद का जनरेटर लगा होता है जो ऊंचाई तक पेस्टीसाइड स्प्रे करती है। अलवा मास्ट बैटरी से चलती है।

12 गाड़ी आई, 43 अगले महीने
एलडब्ल्यूओ माउंटेड स्प्रेयर लगाने और सर्वे के लिए टीमें बढ़ाने के उद्देश्य से नए चार पहिया वाहन भी खरीद रहा है। 12 नए वाहन आ चुके हैं जबकि 43 अगले महीने आने की संभावना है। इन पर ब्रिटेन से आए स्प्रेयर लगाए जाएंगे।

हम पूरी क्षमता के साथ मुकाबला करेंगे
टिड्डी अब रुकने वाली नहीं है। हम पूरी क्षमता व मशीनरी के साथ इसका मुकाबला करेंगे। ब्रिटेन से 60 माइक्रोनियर-अलवा मास्ट मंगाए गए हैं। नई गाडिय़ां खरीदी जा रही हैं।
- डॉ. केएल गुर्जर, उप निदेशक, टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर

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