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अधूरी रह गई एथलेटिक एकेडमी की आस, स्पोर्ट्स स्कूल होगी खास

- मौजूद हैं एथलीट्स के लिए सिंथेटिक ट्रेक सहित सभी सुविधाएं

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अधूरी रह गई एथलेटिक एकेडमी की आस, स्पोर्ट्स स्कूल होगी खास

अधूरी रह गई एथलेटिक एकेडमी की आस, स्पोर्ट्स स्कूल होगी खास

जोधपुर। राज्य के बजट में जोधपुर के चैनपुरा मंडोर स्थित अमृतलाल स्टेडियम में आवासीय स्पोर्ट्स स्कूल खोलने की घोषणा तो हो गई, लेकिन यहां के धावकों के लिए एथलेटिक एकेदमी की आस अधूरी ही रह गई। जबकि यहां सिंथेटिक ट्रेक सहित सभी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

एथलेटिक्स के क्षेत्र में जोधपुर की कई प्रतिभाओं ने अन्तरराष्ट्रीय स्तर तक परचम फहराया है। जिनमें कॉमनवेल्थ खेल चुके घमण्डाराम के अलावा रामपाल जाट, ओमप्रकाश डूडी आदि ने संसाधन-सुविधाएं नहीं होने के बावजूद अन्तरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाई है। जानकारों का कहना है कि एेसे में अगर यहां एथलेटिक एकेडमी खुलती तो यहां से राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय स्तर की और अधिक प्रतिभाएं उभरकर आ सकती है। एकेडमी खुलने से खिलाडिय़ों को अनुभवी प्रशिक्षकों के अलावा अन्तरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में नाम रोशन कर चुके खिलाडि़यों का मार्गदर्शन भी मिल सकता है।

नहीं खुले मॉडल स्पोट्र्स स्कूल
वर्ष २०१३ में सुराज संकल्प यात्रा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने जिला मुख्यालयों पर मॉडल स्पोट्र्स स्कूल खोलने की घोषणा की थी। यह भी पूरी नहीं हो सकी है। राजस्थान पत्रिका ने प्रदेश में मॉडल स्पोट्र्स खोलने का मुद्दा भी उठाया था।

मारवाड़ का पहला आवासीय स्कूल
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट में दो आवासीय स्पोट्र्स स्कूल खोलने की घोषणा की है। इसमें एक जोधपुर व दूसरा जयपुर में खुलेगा। दोनों बीकानेर के सार्दूल स्पोट्र्स स्कूल की तर्ज पर खोले जाएंगे। पश्चिमी राजस्थान में पहला आवासीय स्पोट्र्स स्कूल खुलने से खिलाडि़यों, प्रशिक्षकों व खेलप्रेमियों में खुशी है। इस विद्यालय में प्रवेशित विद्यार्थियों को आधुनिक खेल उपकरणों व उच्च तकनीकीयुक्त ट्रेनिंग देकर विभिन्न खेलों में दक्ष किया जाएगा।

एथलीट्स का होगा विकास
आवासीय स्पोट्र्स स्कूल खुलने से स्कूली खेलों का विकास होगा। सरकार को एथलेटिक एकेडमी की सौगात भी देनी चाहिए, ताकि धावकों को उचित सुविधा और आगे बढऩे का मौका मिल सके।
-हापूराम चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ