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सफेद दाग रोग में ‘ जोधपुर पद्धति Ó को बेस्ट पेपर अवार्ड

  अचीवमेंट... क्यूटेनियस एंड एस्थेटिक सर्जरी जर्नल में प्रकाशित पेपर को क्यूटेनियस सर्जरी के 19वें राष्ट्रीय कांफ्रेंस में बेस्ट पेपर अवार्ड

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सफेद दाग रोग में ' जोधपुर पद्धति Ó को बेस्ट पेपर अवार्ड

सफेद दाग रोग में ' जोधपुर पद्धति Ó को बेस्ट पेपर अवार्ड

जोधपुर. चर्म रोग सर्जरी की सबसे बड़ी संस्था एसोसिएशन ऑफ क्यूनिटेस सर्जरी-2021 की ओर से आयोजित 19वीं राष्ट्रीय स्तरीय कांफ्रेंस में डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभाग के पूर्व छात्र डॉ. आनंद लामोरिया के जोधपुर पद्धति पर आधारित पेपर को सर्जरी की सबसे प्रतिष्ठित जर्नल क्यूटेनियस एंड एस्थेटिक सर्जरी में प्रकाशित पेपर को बेस्ट पेपर का अवार्ड प्राप्त हुआ है।
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एसएस राठौड़ ने शुक्रवार को कॉलेज में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इस उपलब्धि के लिए खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इस अवार्ड पेपर में डॉ. आनंद लामोरिया ने विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप कच्छवाहा की सफेद दाग पर विश्व प्रसिद्ध जोधपुर तकनीक का एवं फोलिक्यूलर यूनिट प्रत्यारोपण का तुलनात्मक अध्ययन किया। इसमें सामने आया कि जोधपुर पद्धति सबसे सरल व प्रभावी है। डॉ. कच्छवाह ने बताया कि गत फरवरी माह में चर्म रोग की सबसे बड़ी संस्था आइएडीवीएल की ओर से नेशनल काफ्रेंस इ-डर्माकॉन 2021 ऑनलाइन आयोजित की गई थी। इसमें चर्म रोग विभाग की पूर्व छात्रा डॉ. हेमा मालिनी ने राष्ट्रीय स्तरीय डॉ. सीएस भवानी कुमार मेमोरियल अवार्ड प्राप्त किया था। अवार्ड प्रतियोगिता में डॉ. हेमा ने जोधपुर पद्धति को संशोधित किया था। जिसमें सफेद दाग के आसपास की चमड़ी को स्थानांतरण करके सफेद दाग पर प्रत्यारोपित करने का संशोधन किया। ये पद्धति पहली बार 2008 में प्रकाशित हुई। इस पद्धति पर अब तक 10 से अधिक शोध हो चुके हैं। ये पद्धति सरल, प्रभावी, सस्ती व आसान पद्धति है। जिसमें किसी विशेष उपकरण व अभ्यास की आवश्यकता नहीं है। ये पद्धति जर्नल ऑफ अमरीकन एकेडमी ऑफ डर्माटॉलॉजी में भी प्रकाशित हो चुकी है। डॉ. कच्छवाह जाड से इंटरनेशनल ट्रेवल मेंटोरशिप अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं।