2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में उठा लिए करोड़ों के फर्जी क्लेम, मरीजों के साथ ऐसे चला धोखाधड़ी का खेल

Bhamashah Swasthya Bima Yojana in Rajasthan : भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना ( Bhamashah Swasthya Bima Yojana ) में शहर के एक कैंसर सेंटर की ओर से कथित रूप से फर्जीवाड़ा कर क्लेम ( Health Insurance Scam ) उठाए जाने की शिकायत के बाद जयपुर और जोधपुर के स्वास्थ्य अधिकारियों ने िक्लनिक पर छापा मारा...

2 min read
Google source verification
Bhamashah Swasthya Bima Yojana

जोधपुर। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना ( bhamashah Swasthya Bima Yojana ) में शहर के एक कैंसर सेंटर की ओर से कथित रूप से फर्जीवाड़ा कर क्लेम ( Health Insurance Scam ) उठाए जाने की शिकायत के बाद जयपुर और जोधपुर के स्वास्थ्य अधिकारियों ने िक्लनिक पर छापा मारा। जयपुर में की गई शिकायत पर राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। ऐसे कई लोगों पर गाज गिर सकती है। इस सेंटर को राज्य सरकार ने जुलाई माह में ही डिस-पैनल (पैनल से बाहर) कर दिया था।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के संयुक्त निदेशक डॉ. युद्धवीरसिंह राठौड़ ने बताया कि गत सवा साल में करीब 7 हजार मरीजों के नाम पर क्लेम ( Fake Health Insurance ) के 13 करोड़ रुपए उठाए जाने की शिकायत मिली है। संबंधित दस्तावेज जांचे जा रहे हैं। शिकायत यह भी है कि मरीजों को कैंसर की दवा दी ही नहीं गई और भुगतान उठा लिया गया। जिसमें कीमो थैरेपी व अन्य दवाइयां शामिल हैं। शिकायत के अनुसार, क्लिनिक में बिना स्टॉक दवाइयां होते हुए कुछ चिकित्सकों ( rajasthan doctors ) के साथ मिलीभगत कर कूटरचित विक्रय बिल बनाकर मरीजों के साथ धोखाधड़ी की गई है। मरीजों तक दवाइयां भी नहीं पहुंची।

जयपुर में शिकायत के बाद जांच कमेटी बनाई गई। जयपुर से डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, संयुक्त निदेशक डॉ. युद्धवीरसिंह राठौड़ व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के शहरी कार्यक्रम प्रबंधक आशीष मैथ्यूज जांच कर रहे हैं। टीम ने अचानक मौके पर पहुंच मेडिकल स्टोर व अस्पताल संचालक को बुलाकर दिनभर जांच की।

- मामले में जांच चल रही है। हम शनिवार सुबह और जांच करेंगे। कैंसर की दो-तीन दवाइयां व कंपनियां हैं। हम ये जांच करेंगे कि जिसको दवा दी है, वह मरीज कैंसर का था या नहीं। सॉफ्टवेयर से देखेंगे कि मरीज को कितनी बार दवाई दी गई है। दवाइयों की खरीद व विक्रय की जानकारी लेंगे। सभी तरह के बिल खंगाले जाएंगे। इसके बाद फिजिकली मरीज चैक करेंगे।
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, उपनिदेशक, ब्लाइंडनेस कंट्रोल व प्रतिनियुक्त बीएसबीवाई

Story Loader