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जोधपुर। बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी अपहरण व हत्या के मामले में आरोपी महिपाल मदेरणा को गुरूवार को जमानत मिल गई। बताया जा रहा है कि मदेरणा के चाची का निधन हो जाने के कारण उन्हें एक दिन की जमानत पर रिहा किया गया है। आपको बता दें कि मदेरणा को पुलिस सुरक्षा के बीच जेल से जमानत पर रिहा किया जा रहा है। मदेरणा को कल यानी शुक्रवार को सुबह 10 से शाम 6 बजे तक के लिए पुलिस सुरक्षा में जमानत के आदेश दिए गए हैं। आपको बता दें इससे पहले मदेरणा को इसी साल 17, 18 और 19 अप्रेल को भी भतीजे की शादी में जाने के लिए अंतरिम जमानत मिली थी। एडीजे संख्या 6 ने सुरक्षा खर्च से आरोपी को ही उठाने के निर्देश पर ज़मानत दी थी।
वहीं उससे भी पहले मदेरणा को एक अदालत ने आईसीयू में भर्ती उनके पिता की सेवा के लिए सशर्त ज़मानत दी थी। महिपाल के पिता, वरिष्ठ कांग्रेस नेता परसराम मदेरणा को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की वजह से जयपुर के एसएमएस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया था। उस समय महिपाल मदेरणा ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एक अर्जी दायर कर अपने बीमार पिता की सेवा के लिए एक महीने की अंतरिम जमानत मांगी थी।
वैसे तो देश में आज तक कई केस ऐसे हुए जो हैरान कर देने वाले हैं, लेकिन ये एक केस ऐसा भी था, जिसने राजस्थान की ही नहीं भारत की राजनीति के मायने भी बदल कर रख दिए। पूरे देश के जनमानस के मन में अजीबोगरीब सवाल पैदा करने वाला ये एक ऐसा किस्सा था, जिसने आम आदमी से लेकर पुलिस, सीबीआई और बड़े-बड़े राजनेताओं को झकझोर कर रख दिया। इस मिस्ट्री का एक-एक पहलू जैसे-जैसे खुलता गया लोग चौंकते गए। ये मामला जुड़ा था एक एएनएम यानी ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफ से, जो सितंबर 2011 में अचानक गायब हो गई।
इसके बाद रहस्य परत दर परत खुलता चला गया। तार जुड़े राजस्थान के तत्कालीन जलदाय मंत्री महिपाल मदेरणा और कांग्रेस विधायक मलखान विश्नोई से। मामले में ऑडियो क्लिप और सीडी भी उजागर हुई, जिससे दिखाई दिए कई कॉन्ट्रोवर्शियल वीडियो शूट। इस सेक्स स्कैंडल में ऑडियो क्लिप भी सामने आए, जिससे केस को सुलझाने में बल मिला। महिपाल मदेरणा और मलखान विश्नोई सहित कई और भी लोग इसमें दोषी हैं, लेकिन भंवरी को भी बेबस और लाचार मानना बेवकूफी होगी। उसने जो भी किया अपनी मर्जी से और पूरे होशोहवास में किया। उसने आगे बढऩे के लिए और महत्वाकांक्षाओं के चलते पहले उक्त मंत्रियों से संबंध बनाए और फिर जब उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो साजिश और ब्लैक मेलिंग का घिनौना खेल भी खेला। ऐसा लगता है कि अश्लील सीडी के बारे में भंवरी को पहले से ही मालूम था। इस सेक्स कांड के सामने आने के बाद भारत की सामाजिक धारणाओं व परंपरा पर गहरा प्रहार हुआ था।
गौरतलब है कि जोधपुर की एएनएम भंवरी देवी वर्ष 2011 के अगस्त माह के अंतिम दिनों में एक दिन अचानक घर से गायब हो गई थी। सीबीआई का दावा था कि भंवरी की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। बाद में शव जला कर उसकी राख को राजीव गांधी नहर में बहा दिया गया। नहर से सीबीआई ने कुछ हड्डियों के अवशेष खोज निकाले थे और दावा किया था कि हड्डियां भंवरी की ही हैं। सीबीआई ने कांग्रेस विधायक मलखान विश्नोई की बहन इंद्रा को इस पूरे केस का मास्टर माइंड माना था। करीब साढ़े छह वर्ष तक फरार रहने के बाद इंद्रा को मध्य प्रदेश के देवास से गिरफ्तार किया गया था।