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सलमान और आसाराम के बाद अब निगाहें भंवरी देवी केस पर, मामले को लेकर बचाव पक्ष दे रहा ऐसी दलीलें

भंवरी देवी अपहरण व हत्या मामले में आया नया मोड़, बचाव पक्ष ने अब दी ये दलील    

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Bhanwari Devi Murder Case in Limelight after Salman and Asaram

Bhanwari Devi Murder Case in Limelight after Salman and Asaram

जोधपुर। अनुसूचित जाति जनजाति के विशिष्ट न्यायालय के न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा के समक्ष सात वर्ष से चल रहे भंवरीदेवी अपहरण एवं हत्याकांड मामले में गुरूवार को दो आरोपियों की ओर से सीबीआई के तत्कालीन एसपी राकेश राठी से जिरह समाप्त हो गई। सह आरोपी सहीराम और उमेशाराम की ओर से जिरह करते हुए अधिवक्ता राजेंद्र चौधरी ने पूछा कि कथित रूप से भंवरी की हत्या 1 सितंबर को कर शव नहर में फेंक दिया गया था, तो नहर से बरामद भंवरी की घड़ी में सात तारीख कैसे संभव है। अधिवक्ता ने राठी के द्वारा किए गए अनुसंधान तथा सबूत के अलावा उनके द्वारा न्यायालय में दिए गए बयानों पर भी जिरह की। मामले की शुक्रवार को भी सुनवाई जारी रही। सुनवाई के दौरान आरोपी इंदिरा विश्नोई, महिपाल मदेरणा के अलावा दस अन्य आरोपी न्यायालय में उपस्थित हुए।


ये है पूरा केस
ये मामला जुड़ा था एक एएनएम यानी ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफ से, जो सितंबर 2011 में अचानक गायब हो गई। इसके बाद रहस्य परत दर परत खुलता चला गया। तार जुड़े राजस्थान के तत्कालीन जलदाय मंत्री महिपाल मदेरणा और कांग्रेस विधायक मलखान विश्नोई से। मामले में ऑडियो क्लिप और सीडी भी उजागर हुई, जिससे दिखाई दिए कई कॉन्ट्रोवर्शियल वीडियो शूट। इस सेक्स स्कैंडल में ऑडियो क्लिप भी सामने आए, जिससे केस को सुलझाने में बल मिला। महिपाल मदेरणा और मलखान विश्नोई सहित कई और भी लोग इसमें दोषी हैं, लेकिन भंवरी को भी बेबस और लाचार मानना बेवकूफी होगी। उसने जो भी किया अपनी मर्जी से और पूरे होशोहवास में किया। उसने आगे बढऩे के लिए और महत्वाकांक्षाओं के चलते पहले उक्त मंत्रियों से संबंध बनाए और फिर जब उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो साजिश और ब्लैक मेलिंग का घिनौना खेल भी खेला। ऐसा लगता है कि अश्लील सीडी के बारे में भंवरी को पहले से ही मालूम था। इस सेक्स कांड के सामने आने के बाद भारत की सामाजिक धारणाओं व परंपरा पर गहरा प्रहार हुआ है।


पुलिस को 'ऑपरेशन वॉच' की वजह से इंदिरा गांधी नहर में देवी को मारने के लिए इस्तेमाल हुए हथियारों का सबूत मिला। नहर में गोताखोरों को दो पिस्तौलें और एक बल्ला मिला, जो कथित तौर पर देवी की खोपड़ी को कुचलने के लिए प्रयोग किया गया था। नहर से एक कलाई घड़ी, हड्डियां के कुछ टुकड़े, एक अंगूठी और एक लॉकेट सहित कुछ निजी वस्तुएं भी बरामद किए गए। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी कि ये चीजें भंवरी देवी की थीं। आरोपी बिशनाराम और कैलाश जाखड़ ने स्वीकार किया कि उसकी राख नहर में फेंकी थी। देवी की जली हड्डियों के टुकड़े भी बरामद हुए, जो सीबीआई द्वारा एम्स नई दिल्ली में टी डी डोगरा को डीएनए जांच के लिए प्रस्तुत किए गए।

एक और रहस्योद्घाटन में सीबीआई ने कहा कि डीएनए परीक्षण से साबित हो गया है कि भंवरी की सबसे छोटी बेटी गुनगुन मलखान से जन्मी है। सीबीआई ने राजनीतिक व सामाजिक प्रतिष्ठा पाने के लिए ही भंवरी ने ये सब कुछ किया। केस के मुख्य आरोपी महिपाल और मलखान राजनीतिक गलियारों में शराब व शबाब को पसंद करने वाले माने जाते हैं। चार्जशीट में ये भी लिखा गया कि भंवरी ने दो अलग-अलग स्थानों पर अपने व मदेरणा के आपत्तिजनक वीडियो भी शूट करवाए थे।