
Blue City has beautiful old and classic vintage cars collection
जोधपुर. वल्र्ड टूरिज्म डे ( world tourism day ) पर जोधपुर आने वाले विदेशी पर्यटक ( tourists )खूबसूरत पर्यटन स्थलों के साथ-साथ विंटेज कारें देखना भी पसंद करते हैं। विंटेज यानि आन बान और शान वाली एक खूबसूरत क्लासिक कार ( Vintage Cars ) । विंटेज शब्द सुनते ही जेहन में एेसी तस्वीर उभरती है कि कारों के शौकीन चमचमाती कारें देखते ही रह जाएं। जोधपुर इस मामले में बहुत खुशकिस्मत है यहां हर तरह की रंगबिरंगी विंटेज कारों का बेहतरीन कलक्शन ( vintage cars collection in jodhpur ) है।
क्लासिक कारें शानदार
आम तौर पर सैलानियों के अलावा जोधपुर के लोग पोलो सीजन में ये कारें देखने का लुत्फ उठाते हैं। अगर हम मॉडल और डिजाइन की बात करें तो आेल्ड एंड क्लासिक विंटेज कारें कई तरह की होती हैं, मसलन लग्जरी, टूरर,सिडैन , स्पोट्र्स व फास्ट कनर्वेटल कारें। इंग्लिश ओवरलैंड, फ्रेंच बिलाहे और अमरीकी पॉइंटियाट विंटेज कारों की बात ही कुछ और है। इनमें से ज्यादातर अमरीकन विंटेज कारें हैं। अगर हम सूर्यनगरी में नजर दौड़ाएं तो पाएंगे कि विंटेज कारों का सबसे बेहतर कलक्शन उम्मेद भवन और अजीत भवन के पास है। उम्मेद भवन के पास रॉल्स रॉइस है तो अजीत भवन के पास पॉइंटियाट के अलावा बिसोटो फ्यूल्ड ड्राइव शानदार हैरिटेज कार है। इन्हें दूसरे विश्व युद्ध से पहले और बाद की कारों के कालखंड में बांटा गया है। पूर्व सांसद गजसिंह की 1927 की रॉल्स रॉयस फैंटम विंडोवर्स लिमोजिन को तो हाल ही में कैलिफॉर्निया में अवार्ड से नवाजा गया।
दो रॉल्स रॉयल कारें
खास बात यह है कि उम्मेद भवन में दो रॉल्स रॉयस कारें मौैजूद हैं। इनमें से एक है सन १९०६ में बनी ओवरलैन्ड कार। ओवरलैन्ड में लकड़ी के पहिये लगे हुए हैं। विशेषता यह है कि करीब २४ साल बाद भी इसका यौवन नहीं ढला है और इसके वुडन स्पोक व्हील बहुत अच्छे हैं। पूर्व सांसद गजसिंह के पास फैन्टम वन और फैन्टम टू विंटेज कारें भी अहम हैं। इनमें से फैन्टम वन सन १९२५ में बनी तो फैन्टम टू १९२५ के बाद बनी। अजीत भवन में तीसरी फोर्ड फेन्टियन तो चौथी सन १९४७ की विंटेज कार ब्यूक है। हां, उम्मेद भवन में रॉल्स रॉयस के अतिरिक्त उस जमाने की एक अमरीकी लग्जरी विंटेज कार पैकार्ड भी है।
फ्रेंच ‘बिलाहे’ भी एक अहम विंटेज कार
अजीत भवन के दिलीपसिंह के पास सन १९३९ की फ्रेंच ‘बिलाहे’ भी एक अहम विंटेज कार है। इसे कार्टियर कंपनी की ओर से विश्व का सबसे बड़ा बेस्ट कार इन इंडिया अवार्ड मिल चुका है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक गियर लगे हुए हैं। इसे सिगोनी एंड फिलाशे ने डिजाइन किया था। आज यह डिजाइन अब दुनिया में अनुपलब्ध है।
विंटेज कार : फैक्टफाइल
- सबसे पुरानी विंटेज कार ओवरलैंड उम्मेद भवन में-सन १९०६ की
-उम्मेद भवन के पास विंटेज कारें -१२
-अजीत भवन के पास विंटेज कारें -१२
-पोलो में प्रदर्शित विंटेज कारें -२१
-बेहतरीन पोजीशन : विक्रमसिंह की विंटेज कारें...जोधपुर पोलो सीजन की 21 कारें
ं-पूर्व सांसद गजसिंह की ब्यूक सुपर विंटेज कार, 1906 से लेकर 1951 तक की उम्मेद भवन पैलेस के रॉयल गैरेज की 1934 मॉडल की मौरिस माइनर, 1947 की ब्यूक ऐट, 1947 की पैकयार्ड, 1947 की कैडलक, 1951 की ठाकुर विक्रमसिंह की जगुआर मार्गट, मनीष न्यूटॉन की 1957 की स्टुडी बाकर कमाण्डर, जसवंतसिंह जसोल की 1967 की मॉरिस माइनर, कुन्दनसिंह की 1931 की सेपरलेट, रतनसिंह उम्मेद नगर की 1971 की मर्सिडीज बैंज, सुन्दरसिंह सोढ़ावास की 1947 की मोरिस माइनर, गायत्रीसिंह उम्मेद नगर की 1951 की जगुआर मार्क 5, महाराजा दिलीपसिंह की 1934 की डलहे, अजीत भवन की 1933 की पॉइंटिक, 1934 की फ ोर्ड फैन्टेन, 1939 की शेवरलेट, 1947 की ओल्ड मोबिली, 1947 की डि सिटो व 1947 की फ ोर्ड ए, 1925 की देवेन्द्र कच्छवाह की हमबर सुपर स्नेप व 1947 की महाराजा हरिसिंह की जिपिस्टर कार।
ब्यूटीफुल विंटेज कारें हैरिटेज
ओल्ड एंड क्लासिक विंटेज कार एक्सपर्ट वीर विजयसिंह के शब्दों में,आेल्ड एंड क्लासिक विंटेज कारें हैरिटेज की हैसियत रखती हैं। राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विंटेज कारों को काम में लेना चाहिए। हैरिटेज होटल एसोसिएशन ने सरकार से कहा है कि वह विंटेज कारों को पर्यटन नक्शे में शामिल करे।
Updated on:
28 Sept 2019 09:50 am
Published on:
27 Sept 2019 02:56 am

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