
जोधपुर.
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध मथुरादास माथुर अस्पताल के जनाना विंग स्थित शिशु रोग आइसीयू में फार्मेलिन केमिकल की बोतल नीचे गिरने के बाद दमघोंटू बदबू फैलने के मामले में बुधवार को चार सदस्यों की जांच कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी 24 घंटे में जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी कि बोतल टूटने व उसके रिसाव के लिए कौन जिम्मेदार है।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेन्द्र आसेरी ने बताया कि कमेटी में शिशु रोग विभाग के वरिष्ठ आचार्य डॉ. जेपी सोनी, निश्चेतना विभाग के सह आचार्य डॉ. विकास राजपुरोहित, उपाधीक्षक डॉ. अरुण शर्मा और नर्सिंग अधीक्षक सुषमा को शामिल किया गया है। अस्पताल प्रशासन के पास पहुंची तथ्यात्मक रिपोर्ट में सामने आया है कि सोमवार देर रात पौने दो बजे हादसे के तुरंत आधे घंटे के भीतर ही अन्यत्र आइसीयू में गंभीर शिशुओं को भर्ती कर दिया गया था।
अस्पताल प्रशासन ने नाइट सुपरवाइजर, रेजीडेंट चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ समेत कई प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत की है। शेरगढ़ के पालानी निवासी डेढ़ साल के बच्चे सुंदर की मौत पर अस्पताल प्रशासन का अब भी यही जवाब है कि उसकी स्थिति पहले से नाजुक थी। गैस रिसाव से पूर्व भी उसको सीपीआर दिया गया था। उसकी मौत जहरीली बदबू से नहीं हुई।
यह था मामला
जनाना विंग आइसीयू में सोमवार देर रात पौने दो बजे फार्मेलिन की बोतल गिर गई थी। इसके बाद समूचे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। इसमें भर्ती 16 बच्चों को पास के वार्ड में शिफ्ट किया गया था।
जिला कलक्टर ने दिए जांच के आदेश
एमडीएम अस्पताल के जनाना विंग स्थित शिशु रोग आईसीयू में हुए मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। अब जिला कलक्टर डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने जांच के आदेश दिए है। इसके बाद एडीएम सीमा कविया ने बुधवार को जाकर अस्पताल की व्यवस्थाएं जांची व रिपोर्ट तैयार की। यह रिपोर्ट जिला कलक्टर को दी जाएगी।
Published on:
02 Aug 2018 05:27 am
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