
जी भरकर सांस लीजिए, ताजी हवाओं का अंतिम महीना है सितम्बर
जोधपुर. दक्षिण पश्चिमी मानसून की लगातार सक्रियता के कारण समूचे प्रदेश में वायु प्रदूषण लगभग गायब है। हवा बेहद शुद्ध मिल रही है। सभी शहरों, गांवों और ढाणियों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 50 के आसपास बना हुआ है। पूरे साल में अगस्त और सितम्बर में ही औसतन वायु शुद्धता अधिक होती है यानी एकदम ताजी हवाएं लेने का यह अंतिम महीना है।
इस महीने के अंत तक मानसून की रवानगी होगी। मानूसनी हवाएं चली जाने से उच्च वायु दाब कायम हो जाएगा और हवाएं भी मंद गति से बहेगी। इसी के साथ अक्टूबर से वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी होना शुरू हो जाएगा जो दिसम्बर-जनवरी में उच्च स्तर पर पहुंचेगा।
गाडिय़ों से भी प्रदूषण बढ़ेगा, धूल कण भी बढ़ेंगे
अगले महीने से हवा भारी होने के कारण गाडिय़ों के धुंओं से निकलने वाले सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड और जले हुए कार्बन के कण हवा में ही बिखरे रहेंगे। वायु प्रदूषणों की ट्रेवलिंग कम होगी। उधर थार और अरब देशों से धूल कण भी उडकऱ आएंगे जिससे हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा। सर्दियों का मौसम आते-आते कोहरे के कारण यह आधा किलोमीटर की ऊंचाई के आसपास ही कायम हो जाएंगे। जिससे सांस लेने में दिक्कत होगी। प्रदेश में धूल कणों यानी पार्टिकुलेट मैटर (पीएम)-2.5 व पीएम-10 का ही प्रदूषण अधिक है।
सितम्बर के पहले सप्ताह में बेहद शुद्ध हवा
शहर -------- 8 सितम्बर -7 सितम्बर -6 सितम्बर - 5 सितम्बर - 4 सितम्बर
जयपुर ------ 41 ------ 48 ------ 46 ------ 52 ------ 61
अजमेर ------ 55 ------55 ------ 56 ------ 64 ------ 60
उदयपुर ------ 67 ------ 64 ------ 56 ------ 71 ------ 66
जोधपुर ------91 ------ 87 ------ 75 ------ 77 ------ 84
कोटा ------61 ------64 ------ 53 ------ 52 ------46
अलवर ------66------85 ------ 75 ------72 ------ 66
(एक्यूआई 0 से 50 अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम स्तर, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 सीवियर माना जाता है। जोधपुर सहित समूचे पश्चिमी राजस्थान में दिसम्बर-जनवरी और अप्रेल-मई-जून में औसत 300 से 350 एक्यूआई रहता है।)
Published on:
09 Sept 2021 06:30 pm

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