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राजस्थान में पौधारोपण के लिए हो रही थी खुदाई, अचानक निकला कुछ ऐसा कि फटी की फटी रह गईं सबकी आंखें

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British time coins found while planting in Jodhpur rural area

British time coins found while planting in Jodhpur rural area

पूनासर/देणोक/जोधपुर। खारिया ग्राम पंचायत के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में पौधारोपण के लिए खुदाई के दौरान ब्रिटिश काल के 172 चांदी के सिक्के मिले है। अधिकांश सिक्कों पर 1840 से 1906 की समयावधि अंकित की हुई थी। स्कूल प्रबंधन ने पुलिस व प्रशासन को इसकी सूचना दी और उनके निर्देश पर सभी सिक्के ग्राम पंचायत खारिया को सुपुर्द कर दिए गए। ग्रामीणों के अनुसार यह सिक्के पहले यहां रहने वाले लोगों के हो सकते हैं। उनका मानना है कि उस समय लोग अपनी कमाई को जमीन में गाड़ कर रखते थे।

प्रधानाध्यापिका मंजू ने बताया कि विद्यार्थी एवं शारीरिक शिक्षक सांगसिंह स्कूल परिसर में शुक्रवार को पौधारोपण कर रहे थे। दो-तीन पौधे रोपने के बाद जब अगली खुदाई शुरू की तो एक फीट की खुदाई के बाद अचानक मिट्टी के बर्तन पर फावड़ा पड़ा। फावड़े की चोट से बर्तन टूट गया और उसमें रखे 172 चांदी के सिक्के बिखर गए। उपनिदेशक माशि जोधपुर मण्डल, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक द्वितीय एवं थानाधिकारी पुलिस थाना भोजासर को दूरभाष पर सम्पर्क कर सूचित किया गया। इन सिक्कों पर महारानी विक्टोरिया व किंग एडवर्ड 7 का चित्र अंकित है।


पहले भी मिले हैं सिक्के
दोसाल पहले टोंक जिले के मालपुरा में जानकीपुरा गांव के समीप दबडिय़ा नाडी की पाळ पर पत्थर की खान से सोने के सिक्के निकले थे।सिक्कों की केन्द्रीय पुरातत्व विभाग ने जांच भी की थी। जांच दल में उप अधीक्षण वीआर सिंह, सहायक अधीक्षण मनोज कुमार द्विवेदी व वरिष्ठ छायाकार आरसी माथुर शामिल थे। डिग्गी थाने पहुंचे। दल ने बताया कि प्रयोगशाला में जांच के बाद ही इनकी पुष्टि होगी कि ये कौनसे काल के हैं। दल ने बरामद किए गए सिक्कों के फोटो भी लिए। दबडिय़ा नाडी से खुदाई में निकले गुप्तकालीन सिक्कों को पुलिस को सौंपने का क्रम काफी समय तक जारी रहा। थाना प्रभारी प्रेमसिंह नाथावत ने बताया कि मालपुरा निवासी महेश पुत्र दुलीचन्द सोनी व कडीला निवासी सीताराम पुत्र श्रवण बैरवा ने थाने आकर एक-एक सिक्का जमा कराया। थाने के मालखाने में कुल 46 सिक्के जमा हुए थे।

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