2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पाकिस्तान बॉर्डर पर अब एसी गाडिय़ों में गश्त, जैसलमेर और बीकानेर बॉर्डर पर लगे वाहन

धोरों की गर्मी से बचने के लिए 52 टाटा जीनॉन खरीदी

2 min read
Google source verification
patrolling ac cars on borders

patrolling ac cars on borders

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को थार मरुस्थल की चिलचिलाती धूप और 50 डिग्री सेल्सियस तापमान से बचाने के लिए सरकार ने एयर कंडिशन (एसी) गाडिय़ां खरीद कर दी है। फिलहाल जवानों को इस तरह की 52 गाडिय़ां मिली हैं। इनसे जैसलमेर और बीकानेर से लगती पाकिस्तान सीमा पर गश्त शुरू हो गई है। करीब 250 बॉर्डर पोस्ट के लिए इतनी ही गाडिय़ां खरीदी जानी हैं।

बीएसएफ आधुनिकीकरण के तहत पिकअप खरीद रही है। 4 बाई 4 की यह गाड़ी गियरलैस है। करीब तीन हजार सीसी इंजन का यह मिनी ट्रक धोरों पर आसानी से चढ़ सकता है। इसमें एयर कंडीशन भी लगा है। इसमें 6 जवान एक साथ गश्त कर सकते हैं। फिलहाल टाटा ने 52 गाडिय़ों की आपूर्ति कर दी है। जोधपुर से ये गाडिय़ां फिलहाल जैसलमेर और बीकानेर की बॉर्डर आट पोस्ट (बीओपी) पर भेजी गई है, जहां अब तक बीएसएफ के जवान जिप्सी में गश्त करते थे। इससे पहले बीएसएफ ने सैण्ड स्कूटर भी खरीदे।

सर्दियों में भी रहेगा आराम


पाकिस्तान सीमा के सहारे-सहारे रेगिस्तान में सर्दियों के दिनों में रात्री में पारा शून्य डिग्री से भी नीचे चला जाता है। कड़कड़ाती ठण्ड से बचाव के लिए जीनॉन गाडिय़ां काफी फायदेमंद रहेगी। इसमें एक साथ छह जवान बख्तरबंद होकर गश्त कर सकेंगे। गौरतलब है कि पाकिस्तान से लगती राजस्थान की 1070 किलोमीटर लंबी सीमा है, जहां बीएसएफ को दिन-रात चौकसी रखनी पड़ती है।

250 वाहन खरीदेंगे


हमने गश्त को और अधिक सशक्त करने के लिए 4 बाई 4 जीनॉन गाडिय़ां खरीदी है जो धोरों में भी दौड़ सकती है। मॉडर्नाइजेशन के तहत इस तरह की करीब 250 गाडिय़ां खरीदी जाएंगी। -रवि गांधी, उप महानिरीक्षक, बीएसएफ

वहीं गत दिनों सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने टिड्डी चेतावनी संगठन के अधिकारियों के हर महीने एकांतर क्रम में सीमा पार कर पाकिस्तान जाने पर ऐतराज जताया है। बीएसएफ ने संगठन से केंद्र सरकार के पाकिस्तान जाने संबंधी अनुमति आदेश दिखाने को कहा। इसके बाद संगठन के अधिकारियों की हवाइयां उड़ गई। संगठन के पास फिलहाल इस तरह का कोई आदेश नहीं मिला। ऐसे में संगठन ने स्वयं के स्तर पर ही एक पत्र बीएसएफ को दिया है।

Story Loader