
बिल्डर ने तोड़ा मकान का सपना, अब चुकाने होंगे चार करोड़ रुपए
सेवा में गम्भीर कमी मानते हुए लोगों की जमा राशि, उस पर ब्याज और हर्जाने देना का आदेश दिया। आयोग के इस फैसले से बिल्डर्स ग्रुप को चार करोड़ रुपए से अधिक की राशि चुकानी होगी। सर्वजीत विज,कल्पना चौधरी,अक्षय भंडारी,तेजसिंह परिहार,लक्ष्मीमल मेहता सहित 32 आवंटी ने अधिवक्ता अनिल भंडारी के माध्यम से कोर्ट में परिवाद पेश कर कम्पनी द्वारा रुपए लेकर मकान नहीं देने के सम्बन्ध में सिलसिलेवार ब्योरा दिया। अधिवक्ता ने कहा कि बिल्डर ने आवंटियों से भारी राशि लेकर कुछ भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं कर उपभोक्ताओं के साथ अनुचित व्यापार व्यवहार किया है। डेवलपर्स की ओर से कहा गया कि पूरी राशि पहले जमा कराएं तो वे विला निर्माण कर देंगे साथ ही राज्य आयोग को यह परिवाद सुनने का आर्थिक क्षेत्राधिकार नहीं होने की दलीलें दी।
बिल्डर का कर्तव्य है कि वह मकान बना कर दे- आयोग
राज्य आयोग के न्यायिक सदस्य अतुलकुमार चटर्जी और सदस्य संजय टाक ने बिल्डर की प्रारंभिक आपत्तियों खारिज करते हुए कहा कि संविदा में क्षेत्राधिकार दिल्ली अंकित किए जाने के बावजूद वाद कारण जोधपुर में होने से तथा विला की कीमत 20 लाख रुपए से अधिक होने से आयोग को परिवाद सुनने का अधिकार है। आयोग ने कहा कि बिल्डर जब टाउनशिप योजना बनाता है तो उनका कर्तव्य है कि अपने स्तर पर पहले से ही धनराशि की व्यवस्था करें। बिल्डर ने
आवंटियों के आवास का सपना पूरा नहीं कर उपभोक्ता के प्रति सेवा में कमी व अनुचित व्यापार व्यवहार किया है। उपभोक्ता आयोग ने बिल्डर को जमा राशि एक करोड़ 36 लाख 25 हजार रुपए के साथ 3 करोड़ 76 हजार रूपए ब्याज तथा 27 लाख 25 हजार रुपए हर्जाना देने का आदेश दिया। अदालत ने 6 लाख 40 हजार रूपए परिवाद व्यय देने का आदेश भी दिया।
कम्पनी ने ये दिखाए सब्ज बाग
दिल्ली की स्टेडिया लैंडमार्क प्रोजेक्ट कम्पनी तथा गुडग़ांव की स्टेडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर ने वर्ष 2008 में जोधपुर में ग्लोबल सिटी योजना लॉन्च की और आम जन को बड़े बड़े सब्ज बाग दिखाए। बिल्डर ने अपने ब्रोशर में दावा किया था कि इस प्रस्तावित टाउनशिप में पांच सितारा होटल, सैंड ड्यूंस रिसोर्ट,हेल्थ सेंटर,जिम,विश्वविद्यालय, अंतरराष्ट्रीय स्कूल,रेस्टोरेंट,क्लब,स्विमिंग पूल आदि की आधुनिक सुविधाएं होगी लेकिन बिल्डर के वादे खोखले निकले।
Published on:
27 Feb 2021 07:04 pm
