
भंवरी देवी प्रकरण में सीबीआई ने पेश की रिपोर्ट, समन नहीं भेजने पर भारत-अमरीका संधि को बताया कारण
जोधपुर. पिछले आठ वर्षों से न्यायालय में चल रहे बहुचर्चित भंवरी देवी प्रकरण ( bhanwari devi murder case ) में सोमवार को सीबीआइ ( CBI ) के अधिवक्ता ने एक रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में यह बताया गया है कि अमेरिकी दूतावास द्वारा सीबीआइ को गत दस जून को यह सूचित किया गया कि अमेरिका और भारत के मध्य म्युचल लीगल एग्रीमेंट ट्रीटी ( एमएलएटीटी ) स्थापित है। इस संधि के तहत ही किसी अमेरिकी गवाह को समन तामिल करवाया जा सकता है।
सीबीआइ ने कहा कि इस कारण भंवरी प्रकरण मेंमहत्वपूर्ण गवाह अमेरिकी डीएनए एक्सपर्ट अंबर बीकार को समन नहीं भेजा जा सका। लिहाजा अगली कार्रवाई के लिए समय दिया जाए। इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता जगमालसिंह चौधरी, संजय विश्नोई व अन्य ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि जब सीबीआइ को यह जानकारी थी कि भारत और अमेरिका के बीच इस तरह की कोई संधि है तब उन्होंने सामान्य प्रक्रिया के तहत समन तामील कराने के लिए क्यों समय खराब किया।
साथ ही जब दस जून को सीबीआइ को यह जानकारी मिल गई कि संधि के तहत समन तामील कराया जाना है तो उसके बाद बीस दिनों तक सीबीआइ ने इस संबंध में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने कहा कि सीबीआइ ने गत तीन जून को कोर्ट के समक्ष कहा था कि एक महीने के भीतर गवाह को प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
इससे पूर्व भी सितंबर 2018 से सीबीआई लगातार गवाह को नहीं पेश कर पाई है, पिछले दो वर्षों से सीबीआइ ने एक भी गवाह प्रस्तुत नहीं किया। इसके चलते मामला आगे नहीं बढ़ पाया है। सीबीआइ के अधिवक्ता एससी शर्मा ने कहा कि सीबीआइ के वरिष्ठ अधिवक्ता एजाज खान द्वारा इस मामले में बहस करेंगे, इसलिए अगली तारीख दी जाए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर इस मामले की अगली सुनवाई आठ जुलाई को करने की व्यवस्था दी। सुनवाई के दौरान मामले के किसी भी आरोपी को पेश नहीं किया गया।
Published on:
02 Jul 2019 11:23 am

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