13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CBI : रेलवे स्टेशन की पार्किंग में 21 लाख का घोटाला

- रेलवे की महिला कार्यालय अधीक्षक ने फर्म को लाइसेंस फीस के लिए जमा करवाए 19 डीडी लौटाकर फर्जी रसीद लगाई

less than 1 minute read
Google source verification
CBI

सीबीआइ जोधपुर कार्यालय

जोधपुर.

राइकाबाग रेलवे स्टेशन की पार्किंग का ठेका लेने वाली फर्म ने उत्तर पश्चिम रेलवे डीआरएम कार्यालय की ऑफिस अधीक्षक के साथ मिलकर 21 लाख रुपए का गबन कर लिया। रेलवे की जांच में गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद अब सीबीआइ ने फर्म संचालक और महिला कार्यालय अधीक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निरोधी धाराओं में एफआइआर दर्ज की है।

सूत्रों के अनुसार रेलवे वरिष्ठ डिविजनल कॉमर्शियल मैनेजर विकास खेड़ा ने उत्तर पश्चिम रेलवे के डीआरएम कार्यालय की कॉमर्शियल शाखा की ऑफिस अधीक्षक मनीला चौहान व पार्किंग का ठेला लेने वाली अहमदाबाद की फर्म मैसर्स आरोही एंटरप्राइजेज के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। सीबीआइ ने दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू की है। रेलवे ने महिला कार्यालय अधीक्षक मनीला चौहान को निलम्बित कर दिया है।

रेलवे को पहुंचाया नुकसान

आरोप है कि अहमदाबाद की फर्म ने 23 सितम्बर को तीन साल के लिए 28,49,900 रुपए में राइकाबाग रेलवे स्टेशन की पार्किंग का ठेका लिया था। यह ठेका मार्च 2025 तक की अवधि के लिए था। ठेका फर्म ने लाइसेंस फीस के तौर पर 18,47,702 रुपए के 19 डीडी रेलवे में जमा करवाए थे। जो रेलवे के एकाउंट में जमा होने थे, लेकिन फर्म के संचालक ने ऑफिस अधीक्षक मनीला चोहान से सांठ-गांठ कर ली। ऑफिस अधीक्षक मनीला ने यह डीडी रेलवे के एकाउंट में जमा होने से पहले ठेका फर्म को लौटा दिए थे। इतना ही नहीं, फर्जी रसीद बनाकर फर्म के दस्तावेज में लगा दी थी। इस तरह, रेलवे को 20,95,423 रुपए का नुकसान पहुंचाया गया। फर्म व महिला कार्यालय अधीक्षक मनीला चौहान की धोखाधड़ी उजागर होने के बाद रेलवे के सीनियर डिविजनल कॉमर्शियल मैनेजर विकास खेड़ा ने सीबीआइ जोधपुर को लिखित शिकायत दी थी।