3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

242 सालों के बाद पहली बार पोते का मुख देखने वाले दादा बने गजसिंह, मारवाड़ में लौट आई थीं खुशियां

गजसिंह अपने पोते भंवरसा का मुंह देखने वाले राठौड़ वंश के दूसरे भाग्यशाली (पूर्व महाराजा) हुए हैं।

2 min read
Google source verification

जोधपुर . मारवाड़ के राठौड़ राजवंश के 765 साल के इतिहास में 242 साल बाद पहला मौका पिछले दो पहले आया था जब भाग्यशाली दादा अपने पोते को अपनी गोद में खिलाया था। तत्कालीन महाराजा विजयसिंह ने सन 1773 में अपने पोते भीमसिंह को अपनी गोद में खिलाया था। अब 242 साल बाद राजवंश के गजसिंह अपने पोते भंवरसा का मुंह देखने वाले राठौड़ वंश के दूसरे भाग्यशाली (पूर्व महाराजा) हुए हैं।


नई दिल्ली के निजी अस्पताल में शिवराजसिंह की पत्नी गायत्रीदेवी के पुत्र जन्म की सूचना मिलते ही किले में 101 तोपें छोड़कर व मिठाई वितरण कर जश्न मनाया गया था। उम्मेद भवन में गजसिंह के साथ उनकी पत्नी हेमलता राज्ये व पुत्र शिवराज सिंह को बधाई देने वालों का सिलसिला देर तक अनवरत जारी रहा था। राजपूत समाज की ओर से आतिशबाजी कर खुशियां जाहिर की गई थीं।

केवल चार जन्म दिन सन 1250 में मारवाड़ राज्य के संस्थापक राव सीहा से आरंभ हुआ उत्तराधिकारी का क्रम काफी विचित्र रहा। करीब 8 सदियों में अधिकांश शासकों की अल्पायु में ही दिवंगत होने का इतिहास मिलता है। अब तक के इतिहास में 38 महाराजाओं ने मारवाड़ पर शासन किया।


मारवाड़ के 30 वें शासक महाराजा विजयसिंह (1752 से 1793) तक मारवाड़ के शासक रहे। उन्होंने अपने पौत्र महाराजा भीमसिंह (1793 से 1803) को गोद में खिलाया था। उन्ही के दूसरे पौत्र मानसिंह 1803 में मारवाड़ के शासक हुए। दोनों ही पौत्र के पुत्र नहीं होने के कारण अहमदनगर से महाराजा तख्तसिंह को गोद लिया गया। जिन्होंने 1843 से 1873 तक मारवाड़ पर शासन किया।

उनके पुत्र जसवंत सिंह (द्वितीय) ने 1873 से 1895 तक, सरदारसिंह ने 1895-1911, सुमेरसिंह 1911-1918, उम्मेदसिंह 1918 से 1947 एवं महाराजा हनवंत सिंह ने 1947 से 1952 तक रहे। महाराजा हनवंतसिंह अपने पुत्र गजसिंह के केवल चार जन्मदिन ही मना पाए थे। चौथी वर्षगांठ मनाने के बाद 26 जनवरी 1952 को महाराजा हनवंतसिंह की विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।

आज गजसिंह मना रहे हैं अपना जन्मदिन


मारवाड़ के सांस्कृतिक दूत के रूप में विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले पूर्व राजघराने के पूर्व सांसद गजसिंह का 70वां जन्मदिन तिथि अनुसार पौष सुदी बीज बुधवार को उम्मेद भवन पैलेस की बारादरी में विशेष रूप से सजाए दरबार शामियाने में परम्परानुसार मनाया जा रहा है। मारवाड़ के पूर्व राजपरिवार, पूर्व जागीरदार व गणमान्य नागरिक समारोह में शरीक होकर महाराजा को शुभकामनाऐं देने के लिए उपस्थित हुए हैं।

Story Loader