
जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान
जोधपुर. केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि नई शिक्षा नीति में सरकार अनुसंधान को बढ़ावा देने नेशनल एजुकेशन टेक्नोलॉजी फोरम का गठन कर रही है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) जोधपुर के इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर और स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स के उद्घाटन समारोह को वर्चुअल मोड पर संबोधित करते हुए उन्होंने देश में अनुसंधान की महती आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान से आगे जय अनुसंधान की जरूरत है। भारत 28 देशों के 127 शीर्ष वैज्ञानिक व शोध संस्थानों के साथ अनुसंधान कर रहा है, बावजूद इसके देश में विज्ञान व शोध पिछड़ा हुआ है। बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) के पेटेंट मामले में 15 साल पहले भारत व चीन बराबर थे। अनुसंधान के दम पर चीन के अब 40 लाख पेटेंट हो गए हैं जो भारत से काफी अधिक है।
जापान, इजरायल मातृभाषा में पढ़ा सकते हैं तो हम क्यों नहीं
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने बताया कि नई शिक्षा नीति में क्षेत्रीय भाषा में उच्च शिक्षा की छूट है जिसका कुछ राज्यों ने विरोध किया है। रमेश ने कहा कि जर्मनी, इजराइल, जापान, अमेरिका, फ्रांस जैसे शीर्ष 20 विकसित देश अपनी भाषा में उच्च शिक्षा प्रदान कर सकते हैं तो भारत क्यों नहीं कर सकता।
उद्योगों के अनुरूप पाठ्यक्रम बनाएं आइआइटी
रमेश पोखरियाल ने कहा कि कुछ समय पहले आइआइटी और उद्योगों का जुड़ाव बिल्कुल कम था। उद्योगों की जरूरत के अनुसार आइआइटीज को अपने पाठ्यक्रम तैयार करने चाहिए। साथ ही देश की वर्तमान जरूरत का भी उन्हें ध्यान रखना चाहिए।
इन्होंने भी किया संबोधित
उद्घाटन समारोह को केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, आइआइटी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ आर चिदंबरम, आइआइटी जोधपुर के निदेशक प्रो शांतनु चौधरी ने संबोधित किया। इन्क्यूबेशन सेंटर में स्टार्ट अप और एंट्रीप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दिया जाएगा। वर्तमान में 5 स्टार्ट अप को मंजूरी दी जा चुकी है। खेल कॉम्पलेक्स में क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, वॉलीवाल, टेनिस, कब्बडी के मैदान व एथलेटिक्स ट्रेक विकसित किया गया है।
Published on:
16 Oct 2020 11:59 pm
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