
कार्यक्रम को संबोधित करते केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में मारवाड़ कन्वेंशन सेंटर के पास चल रहे 'माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन' (MGC-2026) में शनिवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शिरकत की। कार्यक्रम में उनके साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित कई मंत्री मौजूद थे। यहां प्रधानमंत्री मोदी द्वारा माहेश्वरी समाज के नाम भेजी चिट्ठी का वाचन केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया।
अमित शाह ने कहा कि माहेश्वरी समाज देश के लिए सदैव योगदान देने वाला समाज रहा है। उन्होंने कहा कि समाज ने वर्षों से केवल देने का कार्य किया है और देश को जिस रूप में जरूरत पड़ी, उसी प्रकार से सामने आया है। शाह ने कहा कि यह समाज मूल से जुड़ा रहा है और आभूषण की तरह समाज एवं राष्ट्र को चमकाने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि मुगलों के दौर में भी राजा-महाराज के खजाने भरने में समाज ने योगदान दिया, वहीं अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में महात्मा गांधी और स्वतंत्रता आंदोलन का खर्च उठाने का भी काम किया, जिसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। आजादी के बाद उद्योग और विकास के क्षेत्र में माहेश्वरी समाज ने बिना पीछे मुड़े आगे बढ़ते हुए देश को उत्पादन, ट्रेडिंग और तकनीक में प्रगतिशील मॉडल दिया।
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शाह ने कहा कि गुजरात में प्रचलित कहावत 'जहां न पहुंचे रेलगाड़ी, वहां पहुंचे मारवाड़ी' इस समाज की कार्यशैली और क्षमताओं को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भारत को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं। अगर हर समाज गरीबों की चिंता स्वयं कर ले तो पूरा भारत आत्मनिर्भर हो सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जो वस्तुएं देश में नहीं बन रहीं, उनका उत्पादन शुरू करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। साथ ही स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग और स्वभाषा को बढ़ावा देने की अपील की।
अमित शाह ने कहा कि 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, दोगुना निर्यात, विश्व में सबसे अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन, मोबाइल उत्पादन में दूसरा, स्टार्टअप व ऑटोमोबाइल सेक्टर में तीसरा स्थान, यह सब दिखाता है कि भारत विश्व से दो-दो हाथ करने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि माहेश्वरी समाज ने केवल देश ही नहीं बल्कि अन्य समाजों की भी चिंता की है। एकमात्र ऐसा समाज है जिसके हाथ में तलवार और तराजू दोनों ही शोभा देते हैं और स्वतंत्रता सेनानी एवं भामाशाह की सूची में इस समाज का योगदान बड़ा है। शाह ने राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि 550 साल बाद रामलला विराजमान हुए हैं। उन्होंने बताया कि राम जन्मभूमि परिसर में एक युवा ने उन्हें यह भी बताया कि बलिदान देने वाले दो भाई माहेश्वरी समाज से थे।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को यहां माहेश्वरी समाज को समर्पित डाक टिकट जारी किया। शाह ने यहां माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन, 2026 में माहेश्वरी समाज को समर्पित डाक टिकट जारी किया। इस मौके पर माहेश्वरी गौरव ग्रंथ और जैविक खेती पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। इस दौरान अपना घर आश्रम के प्रथम चरण का भी आभासी माध्यम से लोकार्पण किया गया।
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Updated on:
10 Jan 2026 05:49 pm
Published on:
10 Jan 2026 03:46 pm
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