
फोटो: पत्रिका
Maheshwari Mahakumbh 2026: जोधपुर में आयोजित माहेश्वरी महाधिवेशन केवल व्यापारिक उपलब्धियों का उत्सव नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक सोच के नए दृष्टिकोण का प्रतीक बना। 'महेशपुरम' मंच से नीति-निर्धारकों ने कहा कि 'वैदिक भारत से वैश्विक भारत' की दिशा में नारी शक्ति निर्णायक भूमिका निभाएगी।
महाधिवेशन में समाज की घटती जनसंख्या और बिखरते संयुक्त परिवारों के बीच 'बेटी-बहू' के सशक्तिकरण को केंद्र में रखा गया। अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के सभापति संदीप काबरा ने बताया कि अब दीप प्रज्वलन उन दंपतियों से कराया जा रहा है जिनके 3 या अधिक बच्चे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ी समय पर विवाह और परिवार विस्तार के लिए प्रेरित हो।
महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रामस्वरूप मूंदड़ा के अनुसार करीब एक दशक पहले तक देश में माहेश्वरी समाज के सदस्यों की संख्या करीब 17 लाख थी जो अब घटकर 10 लाख के आसपास रह गई है। जोधपुर जिला माहेश्वरी समाज के मंत्री नंदकिशोर शाह के अनुसार जोधपुर जिले में माहेश्वरी समाज के लोगों की संख्या करीब 40 हजार है।
’वैदिक भारत से वैश्विक भारत विजन 2047’ की परिकल्पना को साकार करने में नारी शक्ति की भूमिका निर्णायक होगी। महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ’बहू पढ़ाओ’ और ’बेटी परणाओ’ अभियान के अंतर्गत देशभर की चयनित महिलाओं को 50 हजार रुपए की एफडी देकर प्रोत्साहित
करने का निर्णय लिया गया।
समाज से जुड़े संत महात्मा खासकर राष्ट्रीय संत गोविन्द देव गिरी महाराज भी अपने प्रवचनों में समाज जनों को घटती जनसंख्या की चिंता से अवगत कराते रहते हैं।
Published on:
10 Jan 2026 01:10 pm
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
